Mumbai के Bandra में फिर शुरू होगा शहर का पहला बायो-गैस प्लांट, BMC ने जारी किया नोटिस
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित शहर के पहले कम्युनिटी बायो-गैस प्लांट को फिर से चालू करने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब एक साल पहले बंद हुए इस वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित करने के लिए BMC
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित शहर के पहले कम्युनिटी बायो-गैस प्लांट को फिर से चालू करने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब एक साल पहले बंद हुए इस वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित करने के लिए BMC ने Expression of Interest (EoI) जारी किया है। इसके जरिए बीएमसी ऐसी कंपनियों और संस्थाओं को आमंत्रित कर रही है जो इस प्लांट का आधुनिकीकरण कर सकें और इसे सही तरीके से चला सकें।
यह प्लांट पाली हिल (Pali Hill) में स्थित है और H/West वार्ड के अंतर्गत आता है। यह प्रोजेक्ट 3 मई 2018 को शुरू हुआ था, जहाँ गीले कचरे से बायो-गैस और बिजली बनाई जाती थी। करीब आठ साल तक काम करने के बाद यह प्लांट अगस्त 2025 में बंद हो गया था। अब बीएमसी चाहती है कि एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) के जरिए इसे दोबारा शुरू किया जाए।
इस प्लांट को फिर से चालू करने के लिए आवेदन की प्रक्रिया 14 जुलाई से 27 जुलाई 2026 के बीच चलेगी। प्लांट चलाने वाली एजेंसी को बीएमसी के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियमों का पालन करना होगा। डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर किरण दिघवकर ने बताया कि प्रशासन इस प्रोजेक्ट को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंडिंग के जरिए बहाल करने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है।
पाली हिल रेजिडेंट्स एसोसिएशन (PHRA) की सचिव मधु पोपलाई ने कहा कि नई सुविधा पूरी तरह से आत्मनिर्भर होनी चाहिए और इसमें लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो ताकि इसे बाहरी फंड की जरूरत न पड़े। स्थानीय कॉर्पोरेटर स्वप्ना म्हात्रे ने भी प्रशासन से मांग की है कि प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाए क्योंकि समय के साथ तकनीक में काफी सुधार आया है। इससे पहले मई 2026 में अधिकारियों और स्थानीय निवासियों की एक टीम ने साइट का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था।