Mumbai में बार-बार खोदी जाने वाली सड़कों से मिलेगी राहत, BMC लाने जा रही है नई पॉलिसी
Maharashtra : मुंबई की सड़कों पर बार-बार होने वाली खुदाई और उसके बाद खराब होने वाली सड़कों की समस्या को दूर करने के लिए BMC एक नई योजना पर काम कर रही है। इस नई पॉलिसी के तहत उन कंपनियों को फायदा दिया जाएगा जो सड़क खोदने
Maharashtra : मुंबई की सड़कों पर बार-बार होने वाली खुदाई और उसके बाद खराब होने वाली सड़कों की समस्या को दूर करने के लिए BMC एक नई योजना पर काम कर रही है। इस नई पॉलिसी के तहत उन कंपनियों को फायदा दिया जाएगा जो सड़क खोदने के बाद उसे सही तरीके से ठीक करेंगी। इसका मुख्य मकसद सड़कों की क्वालिटी सुधारना और बार-बार होने वाली खुदाई को कम करना है।
BMC की इस नई योजना के मुताबिक, अगर कोई एजेंसी 50 मीटर से ज्यादा लंबी खुदाई करती है, तो उसके लिए ‘यूटिलिटी डक्ट’ (उपयोगिता पाइप) डालना अनिवार्य होगा। इन पाइपों के होने से भविष्य में बिजली, इंटरनेट, गैस और पानी जैसी सेवाओं के लिए सड़क को बार-बार खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अधिकारियों का मानना है कि अगर ये डक्ट्स लग जाते हैं, तो सड़क की खुदाई में 70 से 80 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।
पॉलिसी में यह भी प्रावधान है कि खुदाई करने वाली एजेंसी खुद ही सड़क की मरम्मत का काम कर सकेगी। ऐसा करने पर BMC उन पर लगाए जाने वाले रिइंस्टेटमेंट चार्ज (पुनर्स्थापना शुल्क) को कम और आसान बनाएगी। अगर कोई एजेंसी मरम्मत का काम नहीं करना चाहती, तो BMC खुद यह काम करेगी और उसका पूरा खर्च संबंधित एजेंसी से वसूला जाएगा।
जो सड़कें 2023 से पहले कंक्रीट की बनी थीं, वहां अक्सर पाइपलाइन नहीं होती। अब ऐसी सड़कों पर खुदाई की अनुमति लेने वाली एजेंसियों को डक्ट्स बनाने की सुविधा देनी होगी। अगर वे ऐसा नहीं कर पाते, तो BMC मरम्मत के काम के साथ-साथ इन्हें खुद लगवाएगी। इसके अलावा, BMC यूटिलिटी प्रदाताओं के साथ एक साल का समझौता करेगी, जिसमें उस दौरान होने वाली खुदाई और मरम्मत की पूरी जिम्मेदारी उन कंपनियों की होगी।
इस पूरी व्यवस्था से बिजली, इंटरनेट, गैस, सीवेज और पानी जैसी करीब 32 से 34 सेवाओं को बिना सड़क तोड़े मैनेज किया जा सकेगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर अभिजीत बांगर के अनुसार, एजेंसियों द्वारा सीधे मरम्मत किए जाने से काम जल्दी पूरा होगा और सड़क की हालत भी बेहतर रहेगी।