Maharashtra: मुंबई की पानी की किल्लत को दूर करने के लिए BMC ने एक बड़ा कदम उठाया है। Manori गांव में बनने वाले 400 MLD क्षमता के Seawater Reverse Osmosis (SWRO) प्लांट को केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) से CRZ
Maharashtra: मुंबई की पानी की किल्लत को दूर करने के लिए BMC ने एक बड़ा कदम उठाया है। Manori गांव में बनने वाले 400 MLD क्षमता के Seawater Reverse Osmosis (SWRO) प्लांट को केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) से CRZ क्लीयरेंस मिल गई है। यह मंजूरी 28 अप्रैल 2026 को मिली, जिससे अब इस प्रोजेक्ट के काम में तेजी आएगी।
Manori प्लांट से क्या होगा फायदा और इसकी शर्तें क्या हैं?
यह प्लांट समुद्र के खारे पानी को पीने लायक साफ पानी में बदलेगा। केंद्र सरकार ने मंजूरी देते हुए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं। BMC को यह पक्का करना होगा कि निर्माण के दौरान समुद्र के किनारे के नियमों का पालन हो। साथ ही, Manori Creek में किसी भी तरह की गतिविधि नहीं होगी क्योंकि यह स्थानीय मछुआरों के लिए मछली पकड़ने का मुख्य इलाका है। ज्वार-भाटा के बहाव में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए ताकि समुद्री माहौल सुरक्षित रहे।
पर्यावरण और मछुआरों के बचाव के लिए क्या इंतजाम होंगे?
समुद्र में छोड़े जाने वाले खारे पानी (Brine) से जलीय जीवों को नुकसान न हो, इसके लिए खास तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए कई डिफ्यूजर पोर्ट लगाए जाएंगे ताकि पानी जल्दी घुल मिल जाए। BMC को इस रिसर्च के लिए 10 करोड़ रुपये अलग रखने होंगे और किसी यूनिवर्सिटी या रिसर्च संस्थान के साथ मिलकर लंबी अवधि का प्लान बनाना होगा। साथ ही, मैंग्रोव बफर जोन में किसी भी काम के लिए पहले कोर्ट की मंजूरी लेनी होगी।
प्रोजेक्ट की अब तक की प्रोग्रेस क्या है?
इस प्रोजेक्ट का ठेका दिसंबर 2023 में GVPR Engineers Limited को दिया गया था। इससे पहले महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) ने भी इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी सिफारिश भेजी थी। एक्सपर्ट कमेटी का मानना है कि मुंबई और महाराष्ट्र में अपनी तरह का यह पहला बड़ा प्रोजेक्ट है, जो भविष्य के लिए एक मॉडल बनेगा। अब BMC को महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड से भी कुछ जरूरी मंजूरियां लेनी होंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Manori Desalination Plant की क्षमता कितनी है?
इस प्लांट की क्षमता 400 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है, जो समुद्र के खारे पानी को पीने योग्य पानी में बदलेगा।
मछुआरों और पर्यावरण के लिए क्या सुरक्षा उपाय किए गए हैं?
Manori Creek में कोई काम नहीं होगा और खारे पानी के निस्तारण के लिए डिफ्यूजर पोर्ट्स का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, समुद्री पारिस्थितिकी पर प्रभाव जानने के लिए 10 करोड़ रुपये के रिसर्च फंड का प्रावधान है।