Maharashtra: मुंबई के मुलुंड इलाके में स्थित प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में BMC ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को प्रशासन ने यहां बने अवैध अस्थायी ढांचे और टर्फ इंस्टॉलेशन को पूरी तरह से ध्वस्त कर दि
Maharashtra: मुंबई के मुलुंड इलाके में स्थित प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में BMC ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को प्रशासन ने यहां बने अवैध अस्थायी ढांचे और टर्फ इंस्टॉलेशन को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। यह एक्शन मेयर रितु तावडे और पूर्व सांसद किरीट सोमैया द्वारा किए गए साइट निरीक्षण के 24 घंटे के भीतर लिया गया है।
क्यों हुई यह कार्रवाई और क्या थे आरोप?
पूर्व सांसद Kirit Somaiyya ने आरोप लगाया था कि सरकारी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को निजी ठेकेदारों को लंबे समय के लिए ‘गिरवी’ रख दिया गया है। उन्होंने बताया कि शादी और इवेंट्स के लिए 15 साल का कॉन्ट्रैक्ट किया गया, जो कि नियमों के खिलाफ था। सोमैया के मुताबिक, ट्रस्ट का लीज 2020 में ही खत्म हो गया था, इसलिए उसके बाद किया गया कोई भी समझौता गैरकानूनी था।
मेयर और अधिकारियों ने क्या कहा?
मुंबई मेयर Ritu Tawde ने निरीक्षण के बाद पाया कि परिसर में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हुए थे। उन्होंने इन गड़बड़ियों के लिए पिछली सत्ताधारी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया और संबंधित निजी ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात कही। वहीं, पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने इन सभी आरोपों को नकारा है और कहा कि ट्रस्ट के काम में नगर निगम आयुक्त समेत कई बड़े अधिकारी शामिल थे।
आगे क्या होगा?
T ward ऑफिस की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। नागरिक अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में इलाके में और भी अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चल सकता है। इसी तरह की गड़बड़ियों का जिक्र अंधेरी के शाहजी राजे भोसले स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भी किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह कार्रवाई किस जगह पर हुई है?
यह कार्रवाई मुंबई के मुलुंड में स्थित प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (जिसे कालिदास स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी कहा जाता है) में की गई है।
अवैध निर्माण को लेकर मुख्य विवाद क्या था?
विवाद यह था कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन को निजी कंपनी को शादी और इवेंट्स के लिए 2035 तक के कॉन्ट्रैक्ट पर दे दिया गया था, जो कि ट्रस्ट के मूल उद्देश्यों के खिलाफ था।