Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में बाहरी कंसल्टेंट्स की बढ़ती निर्भरता को लेकर अब राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी ने पानी से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए नए कंसल्टेंट्स की नियुक्ति पर र
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में बाहरी कंसल्टेंट्स की बढ़ती निर्भरता को लेकर अब राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी ने पानी से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए नए कंसल्टेंट्स की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। पार्षदों का कहना है कि निगम के अपने अनुभवी इंजीनियरों को किनारे कर जनता के पैसे का फिजूल खर्च किया जा रहा है।
कंसल्टेंट्स की नियुक्ति पर रोक क्यों लगी?
शुक्रवार, 22 मई 2026 को हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। कमेटी के चेयरमैन प्रभाकर शिंदे ने प्रशासन को निर्देश दिया कि बाहरी कंसल्टेंट्स का इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं मामलों में हो जहां बहुत खास तकनीकी जानकारी की जरूरत हो। उन्होंने साफ कहा कि BMC को सबसे पहले अपने खुद के नगर निगम इंजीनियरों की क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिए।
किन प्रोजेक्ट्स पर पड़ा असर?
नगर निगम चार बड़े वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए एक ही कंसल्टेंट को काम देना चाहता था, लेकिन अब इन पर रोक लग गई है। इनमें शामिल हैं:
- मनोरी डिसैलिनेशन प्रोजेक्ट का भण्डुप स्थित 2000 MLD पंपिंग स्टेशन।
- गुंडावली रिज़र्वोयर्स से नई 3000 mm व्यास वाली पाइपलाइन का डिजाइन।
- भण्डुप और गुंडावली के अन्य जल आपूर्ति प्रोजेक्ट्स।
इससे पहले इसी महीने पिसे-पनजरापुर वाटर प्यूरीफिकेशन प्रोजेक्ट के लिए 23.35 करोड़ रुपये के कंसल्टेंट प्रस्ताव को भी कमेटी ने खारिज कर दिया था।
पार्षदों ने क्या उठाए सवाल?
सपा (UBT) के वरिष्ठ पार्षद यशोधार फनदसे ने पूछा कि जो काम निगम के इंजीनियर पहले से करते आए हैं, उसके लिए अचानक बाहरी लोगों की जरूरत क्यों बढ़ गई। वहीं, BJP के हाउस लीडर गणेश खानकर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर ऐसा ही रहा तो जल्द ही निगम का बजट बनाने के लिए भी बाहरी कंसल्टेंट बुलाने पड़ेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि मोदक सागर डैम जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स BMC के अपने चीफ इंजीनियरों की देखरेख में ही बने थे। इस विरोध में कांग्रेस के अशरफ अजमी और शिवसेना के अमेय गोले जैसे पार्षद भी शामिल रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BMC के किन प्रोजेक्ट्स पर रोक लगाई गई है?
मनोरी डिसैलिनेशन प्रोजेक्ट के पंपिंग स्टेशन और गुंडावली रिज़र्वोयर्स की पाइपलाइन समेत चार बड़े वाटर प्रोजेक्ट्स के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने पर रोक लगी है।
पार्षदों की मुख्य आपत्ति क्या है?
पार्षदों का मानना है कि BMC के अपने इंजीनियरों को नजरअंदाज कर बाहरी एजेंसियों (PMCs) को काम दिया जा रहा है, जिससे जनता के पैसे का अनावश्यक खर्च हो रहा है।