Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 122 इंजीनियरों के तबादले रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई उन तबादलों पर हुई है जिन पर भ्रष्टाचार और पैसों के लेनदेन के गंभीर आरोप लगे थे। करीब छह महीने पहले इन तबाद
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 122 इंजीनियरों के तबादले रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई उन तबादलों पर हुई है जिन पर भ्रष्टाचार और पैसों के लेनदेन के गंभीर आरोप लगे थे। करीब छह महीने पहले इन तबादलों की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद इन्हें रोक दिया गया था और अब पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है।
तबादले रद्द होने के पीछे क्या कारण थे?
अक्टूबर 2025 में जब तबादलों की लिस्ट आई थी, तब कई लोगों ने इसे ‘ट्रांसफर स्कैम’ बताया था। आरोप लगा था कि कुछ सीनियर अधिकारी तबादलों के बदले 5 लाख से 40 लाख रुपये तक की रकम वसूल रहे थे। तत्कालीन कमिश्नर Bhushan Gagrani ने इन शिकायतों के बाद आदेशों पर रोक लगा दी थी। उन्होंने साफ कहा था कि जो तबादले नियमों के खिलाफ होंगे, उन्हें रद्द किया जाएगा।
इस पूरे मामले में कौन-कौन शामिल था?
इस विवाद में कई बड़े नाम और घटनाक्रम जुड़े रहे हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:
| नाम/संस्था |
भूमिका/कार्य |
| Bhushan Gagrani |
तत्कालीन कमिश्नर जिन्होंने तबादलों पर रोक लगाई थी |
| Amit Saini |
पूर्व एडिशनल कमिश्नर, जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद दिसंबर 2025 में हटाया गया |
| Avinash Dhakne |
Amit Saini की जगह आए नए एडिशनल कमिश्नर |
| Ritu Tawde |
मुंबई मेयर, जिन्होंने इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई करने को कहा था |
| Anil Galgali |
RTI एक्टिविस्ट जिन्होंने ट्रांसफर मार्केट के खिलाफ शिकायत की थी |
| Ameet Satam |
बीजेपी सिटी हेड जिन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और रद्दीकरण का स्वागत किया |
आगे अब क्या होगा?
BMC ने इस हफ्ते आधिकारिक तौर पर आदेश जारी कर 122 इंजीनियरों के ट्रांसफर रद्द कर दिए हैं। बीजेपी नेता Ameet Satam ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सकारात्मक कदम बताया है। वहीं, RTI एक्टिविस्ट Anil Galgali का कहना है कि इस रद्दीकरण से यह साफ हो गया कि शुरुआती तबादलों की प्रक्रिया में काफी गड़बड़ियां थीं। अब उम्मीद है कि भविष्य में तबादलों के लिए एक पारदर्शी सिस्टम बनाया जाएगा।