Bihar, UP समेत कई राज्यों में बकरी पालन पर 90% सब्सिडी, ब्लैक बंगाल बकरियां पाकर आत्मनिर्भर बनेंगे ग्रामीण

Bihar/UP : ग्रामीण इलाकों में पशुपालन के जरिए लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने बड़ी योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र लाभुकों को ब्लैक बंगाल बकरियां दी जा रही हैं, जिस पर सरकार 90 फीसदी तक का अनुदान दे रही है। इस

Bihar/UP : ग्रामीण इलाकों में पशुपालन के जरिए लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने बड़ी योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र लाभुकों को ब्लैक बंगाल बकरियां दी जा रही हैं, जिस पर सरकार 90 फीसदी तक का अनुदान दे रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे किसानों, भूमिहीन मजदूरों और महिलाओं की आय बढ़ाना है ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

इस योजना के तहत अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग यूनिट तय की गई हैं। आमतौर पर 6 जानवरों की एक यूनिट (5 मादा और 1 नर बकरी) की कुल लागत 60,000 रुपये आंकी गई है। इसमें लाभार्थी को केवल 10 फीसदी यानी 6,000 रुपये देने होंगे, जबकि बाकी 54,000 रुपये की राशि सरकार सब्सिडी के रूप में देगी। कुछ जगहों पर 10 बकरी और 1 नर की यूनिट के लिए लागत 66,000 रुपये है, जिसमें लाभार्थी का हिस्सा 6,600 रुपये होगा। वहीं झारखंड में 10 बकरी की यूनिट की लागत करीब 1 लाख रुपये है, जिसमें लाभार्थी को 10,000 रुपये जमा करने होंगे।

सरकार ने इस योजना में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), विधवाओं, दिव्यांगों और भूमिहीन मजदूरों को प्राथमिकता दी है। ब्लैक बंगाल बकरियों को इसलिए चुना गया है क्योंकि ये तेजी से प्रजनन करती हैं और इनका मांस अच्छी गुणवत्ता का होता है। इसके अलावा बारबरी और बीटल जैसी नस्लों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

लाभार्थियों को केवल जानवर ही नहीं दिए जा रहे, बल्कि उन्हें पशु प्रबंधन, पोषण, बीमारियों से बचाव और मार्केटिंग के लिए ट्रेनिंग भी दी जा रही है। बिहार के सहरसा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत डेयरी और पशु प्रबंधन का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस योजना में बीमा, मेडिकल केयर और पशुओं के परिवहन का खर्च भी शामिल है। इच्छुक लोग अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) या ब्लॉक स्तर के पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।