Delhi: राजधानी दिल्ली में होम्योपैथी के अभ्यास को बेहतर तरीके से चलाने और रेगुलेट करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक डॉ. अनिल गोयल को दिल्ली होम्योपैथी बोर्ड
Delhi: राजधानी दिल्ली में होम्योपैथी के अभ्यास को बेहतर तरीके से चलाने और रेगुलेट करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक डॉ. अनिल गोयल को दिल्ली होम्योपैथी बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 4 मई 2026 को की गई है ताकि शहर में होम्योपैथी चिकित्सा प्रणाली के कामकाज को व्यवस्थित किया जा सके।
दिल्ली होम्योपैथी बोर्ड का मुख्य काम क्या होगा?
यह बोर्ड दिल्ली होम्योपैथी एक्ट 1956 के तहत बनाया गया है। इसका मुख्य काम दिल्ली में होम्योपैथी प्रैक्टिस को रेगुलेट करना और योग्य होम्योपैथिक डॉक्टरों का स्टेट रजिस्टर मेंटेन करना है। बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स का पालन हो और केवल मान्यता प्राप्त डॉक्टर ही प्रैक्टिस करें।
नियुक्ति के नियम और कार्यकाल क्या है?
दिल्ली होम्योपैथी एक्ट के मुताबिक, राज्य सरकार बोर्ड के किसी सदस्य को चेयरमैन के रूप में नॉमिनेट करती है। इस नियुक्ति की जानकारी सरकारी गजट में प्रकाशित करना जरूरी होता है। आमतौर पर एक सदस्य का कार्यकाल तीन साल का होता है, जिसे राज्य सरकार नोटिफिकेशन जारी कर अधिकतम दो साल और बढ़ा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डॉ. अनिल गोयल कौन हैं और उन्हें किस पद पर नियुक्त किया गया है?
डॉ. अनिल गोयल दिल्ली की कृष्णा नगर विधानसभा सीट से BJP विधायक हैं। उन्हें दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली होम्योपैथी बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
दिल्ली होम्योपैथी बोर्ड किस कानून के तहत काम करता है?
यह बोर्ड दिल्ली होम्योपैथी एक्ट 1956 और दिल्ली होम्योपैथी रूल्स 1958 के प्रावधानों के तहत काम करता है।