UP : लखनऊ के बंथरा और भौकापुर इलाके में स्थित Amazon वेयरहाउस पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने यहां छापेमारी कर 789 ऐसे उत्पाद जब्त किए हैं जिनमें जरूरी प्रमाणन नहीं था। इन सामानों को ऑनलाइन प्ल
UP : लखनऊ के बंथरा और भौकापुर इलाके में स्थित Amazon वेयरहाउस पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने यहां छापेमारी कर 789 ऐसे उत्पाद जब्त किए हैं जिनमें जरूरी प्रमाणन नहीं था। इन सामानों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को बेचा जा रहा था, जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।
छापेमारी में क्या-क्या सामान मिला और कौन सी कंपनियां शामिल थीं
BIS की टीम ने वेयरहाउस से 215 खिलौने और 24 हैंड ब्लेंडर बरामद किए, जिनमें अनिवार्य ISI मार्क या वैध लाइसेंस नंबर नहीं था। इसके अलावा एल्यूमीनियम फ़ॉइल, पानी की बोतलें, पीवीसी केबल और स्पीकर जैसे सामान भी जब्त किए गए। इस मामले में VGRASSP INDIA LLP, Tech Vision International Private Limited और Evergreen Enterprises जैसी कंपनियों के उत्पाद शामिल थे।
नियम तोड़ने पर क्या होगा जुर्माना और कानूनी कार्रवाई
BIS अधिनियम 2016 के मुताबिक, बिना प्रमाणन वाले खिलौने और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बेचना अपराध है। ऐसा करने वालों पर कम से कम दो लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है, जो सामान की कीमत के दस गुना तक बढ़ सकता है। साथ ही दो साल की जेल की सजा का भी प्रावधान है। BIS ने Techvision International Private Limited के खिलाफ अदालत में दो मामले दर्ज किए हैं।
अधिकारियों और Amazon का इस पर क्या कहना है
BIS के वरिष्ठ निदेशक सुधीर बिश्नोई ने कहा कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है और आगे भी ऐसे अभियान चलेंगे। वहीं CAIT के प्रवीण खंडेलवाल ने ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा नियमों की अनदेखी की आलोचना की है। Amazon इंडिया ने बयान दिया है कि वह ग्राहकों की सुरक्षा के लिए गैर-अनुपालन वाले उत्पादों को हटाने की कार्रवाई कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BIS की छापेमारी लखनऊ में कब हुई थी
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की लखनऊ शाखा ने यह छापेमारी शुक्रवार, 7 मार्च 2025 को बंथरा और भौकापुर स्थित Amazon वेयरहाउस पर की थी।
बिना ISI मार्क के सामान बेचने पर क्या सजा हो सकती है
BIS अधिनियम 2016 के तहत, बिना अनिवार्य प्रमाणन के उत्पाद बेचने पर न्यूनतम 2 लाख रुपये का जुर्माना (सामान की कीमत के 10 गुना तक) और 2 साल तक की कैद हो सकती है।