Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में बढ़ते ‘सूखे नशे’ और अन्य नशीले पदार्थों को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। समाज कल्याण विभाग के निर्देश पर अब स्थानीय महिलाओं को ‘नशामुक्ति ब्रांड एंबेसडर’ बनाया
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में बढ़ते ‘सूखे नशे’ और अन्य नशीले पदार्थों को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। समाज कल्याण विभाग के निर्देश पर अब स्थानीय महिलाओं को ‘नशामुक्ति ब्रांड एंबेसडर’ बनाया जाएगा। ये महिलाएं गांव-गांव जाकर नशे के खिलाफ अभियान चलाएंगी और युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने में मदद करेंगी।
नशामुक्ति अभियान में महिलाओं की क्या होगी भूमिका
इस नई रणनीति के तहत हर गांव में 10 सक्रिय महिलाओं की एक टीम तैनात की जाएगी। ये महिलाएं अपने इलाके में ब्रांड एंबेसडर के तौर पर काम करेंगी। इनका मुख्य काम नशे की सप्लाई चेन का पता लगाना और उसकी जानकारी सीधे जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों को देना होगा ताकि ड्रग्स सप्लायरों के नेटवर्क को खत्म किया जा सके।
इलाज और जागरूकता के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं
नशामुक्ति अभियान को जमीन पर उतारने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य केंद्र बनाया गया है। यहां नशे के आदी लोगों को परामर्श दिया जाएगा और गंभीर मरीजों को मुफ्त सरकारी इलाज के लिए अस्पताल भेजा जाएगा। जागरूकता बढ़ाने के लिए हर महीने तीन दिनों की विशेष चौपाल लगाई जाएगी, जहां महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।
नशे के खिलाफ सरकार की अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं
| विवरण |
जानकारी |
| मुख्य नेतृत्व |
समाज कल्याण विभाग |
| कंट्रोल रूम |
आंगनबाड़ी केंद्र |
| विशेष दिवस |
26 नवंबर (नशामुक्ति दिवस) |
| राष्ट्रीय योजना |
नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन |
| स्वास्थ्य विभाग |
अधिकारियों के नंबर पोस्टरों पर जारी होंगे |