Chhattisgarh: बिहार के भागलपुर की रहने वाली 65 वर्षीय बबीता देवी, जो पिछले 11 महीनों से लापता थीं, उन्हें छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक आश्रम से खोज निकाला गया है। अपनी मां की तलाश में बेटी पूजा ने अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी।
Chhattisgarh: बिहार के भागलपुर की रहने वाली 65 वर्षीय बबीता देवी, जो पिछले 11 महीनों से लापता थीं, उन्हें छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक आश्रम से खोज निकाला गया है। अपनी मां की तलाश में बेटी पूजा ने अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी। अंततः भिलाई के फील परमार्थम आश्रम में मां-बेटी का मिलन हुआ, जिसने सबको भावुक कर दिया।
कैसे हुई बबीता देवी की पहचान और खोज
बबीता देवी 3 जून 2025 को अपने मायके जगतपुर, बांका जाते समय लापता हो गई थीं। वे मानसिक रूप से अस्थिर थीं और अपनी पूरी जानकारी नहीं दे पा रही थीं। 10 मई 2026 को भिलाई के फील परमार्थम आश्रम में बातचीत के दौरान उन्होंने ‘जगतपुर, बांका’ नाम लिया। इसी सुराग के आधार पर आश्रम ने पुलिस से संपर्क किया और बांका पुलिस के जरिए 11 मई 2026 को बेटी पूजा को सूचना दी गई।
बेटी पूजा का संघर्ष और आश्रम की भूमिका
बेटी पूजा ने अपनी मां को खोजने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी और यहां तक कि अपनी नौकरी भी छोड़ दी। उन्होंने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाकर आशीर्वाद और सलाह भी ली थी। वहीं, भिलाई के फील परमार्थम आश्रम के मुख्य सेवक अमित राज और उनकी टीम ने बबीता देवी की देखभाल की। यह आश्रम अब तक 55 लोगों को उनके परिवार से मिलवा चुका है और वर्तमान में 96 लोगों को आश्रय दे रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बबीता देवी कहां मिलीं और उन्हें कैसे पहचाना गया
बबीता देवी छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित फील परमार्थम आश्रम में मिलीं। जब उन्होंने बातचीत के दौरान अपने गांव ‘जगतपुर, बांका’ का नाम लिया, तब उनकी पहचान संभव हो पाई।
बेटी पूजा ने मां की तलाश में क्या किया
पूजा ने 11 महीने तक अपनी मां की तलाश की और इस दौरान उन्होंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। उन्होंने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से भी मार्गदर्शन लिया था।