Bihar और West Bengal: बिहार और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इसके साथ ही उनके राशन कार्ड भी रद्द
Bihar और West Bengal: बिहार और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इसके साथ ही उनके राशन कार्ड भी रद्द कर दिए जाएंगे। यह आदेश स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के बाद लागू किया जा रहा है।
किन लोगों के राशन कार्ड और योजनाएं होंगी बंद
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने साफ किया है कि अवैध घुसपैठियों, मृत व्यक्तियों या गैर-भारतीय नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि वोटर लिस्ट से बाहर हुए लोगों के राशन और अन्य लाभ बंद होंगे, साथ ही उनके बैंक खाते भी बंद करने की तैयारी है। बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों को इसके निर्देश भेज दिए हैं।
कितने लोगों पर पड़ेगा असर और क्या हैं कारण
SIR प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख और बिहार में 68 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। बिहार में अब तक 12 लाख राशन कार्ड रद्द हो चुके हैं और आने वाले दिनों में 18 लाख और नाम हटने की उम्मीद है। राशन कार्ड हटाने के मुख्य कारण ये रहे हैं:
- घर में चार पहिया वाहन होना
- बड़ी कंपनियों में डायरेक्टर होना
- इनकम टैक्स भरना
- लंबे समय से राशन न लेना
राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य प्रभाव
पूर्णिया जैसे सीमावर्ती इलाकों में इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। यहाँ वोटर लिस्ट से नाम हटने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं। पश्चिम बंगाल में ‘अन्नपूर्णा भंडार’ जैसी योजनाएं प्रभावित होंगी, जिसे 1 जून से ‘लक्ष्मी भंडार’ के रूप में शुरू किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं को 3000 रुपये महीना मिलेंगे। हालांकि, जिन लोगों के मामले कोर्ट या ट्रिब्यूनल में हैं, उन्हें फैसला आने तक लाभ मिलता रहेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में राशन कार्ड रद्द होने के क्या कारण हैं?
बिहार में आयकर दाता होने, चार पहिया वाहन रखने, बड़ी कंपनियों में निदेशक होने या लंबे समय तक राशन का उठाव न करने के कारण राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में किन लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा?
पश्चिम बंगाल सरकार के अनुसार अवैध घुसपैठियों, मृत व्यक्तियों और गैर-भारतीय नागरिकों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।