Bihar: राज्य में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। शुक्रवार की शाम को हुई भारी तबाही के बाद शनिवार सुबह धूप तो निकली, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूरे बिहार के लिए तूफानी बारिश और ओलावृष्टि का रे
Bihar: राज्य में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। शुक्रवार की शाम को हुई भारी तबाही के बाद शनिवार सुबह धूप तो निकली, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूरे बिहार के लिए तूफानी बारिश और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ सकता है।
अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम का हाल
IMD के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिससे प्री-मानसून जैसी स्थिति बनी हुई है। यह सिलसिला 11 मई तक जारी रह सकता है। 9 मई को हवाओं की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर यह 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। उत्तरी बिहार और सीमांचल में भारी बारिश होगी, वहीं दक्षिणी बिहार में हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाएं चल सकती हैं।
पिछले 24 घंटों में क्या हुआ और प्रशासन की तैयारी
8 मई की शाम को हुई तेज आंधी और वज्रपात ने काफी नुकसान पहुंचाया। भोजपुर, पटना, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण और वैशाली जिलों में बिजली गिरने से 7 से 9 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना पर दुख जताया और मृतकों के परिवार को 4-4 लाख रुपये की सहायता देने का निर्देश दिया है। इस तूफान से कई जगहों पर बिजली गुल हो गई और पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ।
सावधानी के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासतौर पर वज्रपात के खतरे को देखते हुए खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है। किसानों को भी अपनी फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने को कहा गया है। पटना में 9 मई को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में रेड अलर्ट कब तक प्रभावी है
भारतीय मौसम विभाग ने 9 मई को रेड अलर्ट जारी किया है और आंधी-तूफान का यह सिलसिला 11 मई तक जारी रहने की संभावना है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा असर देखा गया
पिछले 24 घंटों में भोजपुर, पटना, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण और वैशाली जिलों में वज्रपात के कारण जान-माल का नुकसान हुआ है।