Bihar: बिहार में सोमवार, 04 मई 2026 को मौसम ने अचानक करवट ली और भारी बारिश के साथ भीषण आंधी-तूफान आया। आकाशीय बिजली गिरने से राज्य के अलग-अलग जिलों में भारी तबाही हुई है, जिसमें कुल 12 लोगों की जान चली गई। इस प्राकृतिक आ
Bihar: बिहार में सोमवार, 04 मई 2026 को मौसम ने अचानक करवट ली और भारी बारिश के साथ भीषण आंधी-तूफान आया। आकाशीय बिजली गिरने से राज्य के अलग-अलग जिलों में भारी तबाही हुई है, जिसमें कुल 12 लोगों की जान चली गई। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर पूर्वी चंपारण, गया और औरंगाबाद जिलों में देखने को मिला है।
किन जिलों में कितनी मौतें हुईं और क्या हुआ हादसा
बिहार के तीन जिलों में वज्रपात और तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया है। पूर्वी चंपारण में 5 लोगों की मौत हुई, जहां बिजली गिरने से कुछ घरों में आग लग गई और पेड़ गिरने से भी लोग मरे। गया जिले में 4 लोगों की जान गई, जबकि औरंगाबाद में 3 लोगों की मौत हुई। औरंगाबाद में एक दुखद घटना में आम चुनने गए दो मासूम बच्चों सहित चार लोगों की वज्रपात से मौत हो गई।
सरकार की मदद और प्रशासन का क्या है कहना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवारों को सहायता राशि जल्द से जल्द मिले। प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और बचाव के उपाय
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने आगे भी खराब मौसम की आशंका जताई है। कई इलाकों में तेज हवा और बारिश जारी रह सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम में घर से बाहर न निकलें। बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित जगहों पर रहें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में वज्रपात से कितने लोगों की मौत हुई है
04 मई 2026 को बिहार में बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से कुल 12 लोगों की मौत हुई है, जिसमें पूर्वी चंपारण में 5, गया में 4 और औरंगाबाद में 3 मौतें शामिल हैं।
मृतकों के परिजनों को सरकार क्या मदद दे रही है
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है और अधिकारियों को इसे जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।