Bihar में जल स्रोत बनेंगे पर्यटन केंद्र, 276 बांध और पोखरों पर मिलेगी बोटिंग की सुविधा
Bihar: बिहार सरकार राज्य के जल स्रोतों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की बड़ी तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत राज्य के 276 बांधों और पोखरों को वाटर टूरिज्म से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के
Bihar: बिहार सरकार राज्य के जल स्रोतों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की बड़ी तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत राज्य के 276 बांधों और पोखरों को वाटर टूरिज्म से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए मौके खुलेंगे और पर्यटकों को घूमने के लिए नई जगहें मिलेंगी।
योजना के पहले चरण में मार्च तक 70 से अधिक जल स्रोतों पर बोटिंग की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। ये सभी केंद्र पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर विकसित किए जाएंगे। सरकार का अनुमान है कि इस सुविधा से हर महीने करीब 12 लाख पर्यटक बोटिंग का आनंद ले सकेंगे। इस पूरी परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 10,000 से ज्यादा लोगों को नौकरी मिलने की उम्मीद है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए एक खास वाटर टूरिज्म मैप तैयार किया जाएगा। बोटिंग के लिए स्पीड बोट और जेट स्की के साथ-साथ शिकारा और हाउस बोट जैसी 10 तरह की नौकाएं उपलब्ध होंगी। पटना में गंगा नदी, बेगूसराय में कावर झील, गया में फल्गु, नालंदा में घोड़ा कटोरा और नवादा में ककोलत जैसे प्रमुख जल स्रोतों को विकसित किया जाएगा। गंगा, गंडक, कोसी, सोन और पुनपुन नदियों में फ्लोटिंग जेट्टी के जरिए क्रूज और वाटर स्पोर्ट्स की सुविधा दी जाएगी।
| प्रमुख परियोजना/सुविधा | विवरण/लक्ष्य |
|---|---|
| कुल जल स्रोत | 276 बांध और पोखर |
| पहला चरण | 70+ जल स्रोत (मार्च तक बोटिंग शुरू) |
| प्रमुख बांध | दुर्गावती, वाल्मीकिनगर, गंगाजी राजगृह, खड़गपुर, कुण्डघाट, गरही, मोरवे, ओढ़नी और फुलवरिया डैम |
| निरीक्षण बंगले | 217 बंगलों को आधुनिक गेस्ट हाउस बनाया जाएगा (जून 2026 तक) |
| ब्रह्मकुंड विकास | 49.87 करोड़ की परियोजना, सितंबर 2027 तक लक्ष्य |
| पटना वाटर मेट्रो | दीघा घाट से कंगन घाट तक संचालन (सितंबर 2025 तक) |
| जल स्टेशन | 11 जिलों में 21 स्टेशन (18 पूरे हो चुके हैं) |
इसके अलावा, पटना का जेपी गंगा पथ एक वर्ल्ड क्लास टूरिज्म हब बनेगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम और जल-आधारित पर्यटन की सुविधाएं होंगी। जल संसाधन विभाग के 217 निरीक्षण बंगलों को भी निजी निवेश के जरिए आधुनिक गेस्ट हाउस में बदला जाएगा, ताकि आम जनता वहां रुक सके।