Bihar: बिहार राज्य पुल निर्माण निगम (BRPNN) ने विक्रमशिला सेतु और राज्य के अन्य खराब पुलों को जल्द ठीक करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए 55 एजेंसियों का एक पैनल बनाया गया है ताकि सामान और तकनीकी सेवाओं की कमी न हो और काम
Bihar: बिहार राज्य पुल निर्माण निगम (BRPNN) ने विक्रमशिला सेतु और राज्य के अन्य खराब पुलों को जल्द ठीक करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए 55 एजेंसियों का एक पैनल बनाया गया है ताकि सामान और तकनीकी सेवाओं की कमी न हो और काम समय पर पूरा हो सके। सरकार का लक्ष्य है कि पुलों की मरम्मत में अब किसी तरह की देरी न हो।
मरम्मत कार्य और विक्रमशिला सेतु की ताजा स्थिति क्या है?
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने की जिम्मेदारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को दी गई है। निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि गिरे हुए हिस्से की मरम्मत में तीन महीने का समय लगेगा और समानांतर पुल इस साल दिसंबर तक चालू हो जाएगा। वहीं, BRO की टीम ने 17 मई 2026 को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अस्थायी बेली ब्रिज का काम शुरू कर दिया है, जिससे 25 दिनों के भीतर सिंगल लेन पर गाड़ियां चलने की उम्मीद है।
पुलों की निगरानी के लिए क्या नए नियम लागू हुए हैं?
राज्य सरकार ने ‘बिहार राज्य पुल रखरखाव नीति-2025’ लागू की है। इसके तहत अब ड्रोन सर्वे, सेंसर और डिजिटल मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से पुलों की निगरानी होगी। पथ निर्माण मंत्री ईं. कुमार शैलेंद्र ने सभी पुलों का ‘हेल्थ कार्ड’ बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही, आईआईटी पटना की 12 सदस्यीय टीम काम की गुणवत्ता की जांच करेगी। ऑडिट के दौरान 9 ऐसे पुल मिले हैं जिन्हें तुरंत मरम्मत की जरूरत है।
काम की लागत और एजेंसियों का वर्गीकरण कैसे होगा?
निगम ने काम की लागत के हिसाब से प्रोजेक्ट्स को तीन हिस्सों में बांटा है। 15 करोड़ रुपये तक के काम कैटेगरी-ए, 5 करोड़ तक के काम कैटेगरी-बी और 1 करोड़ रुपये तक के काम कैटेगरी-सी में रखे गए हैं। विक्रमशिला सेतु की मरम्मत पर शुरुआती अनुमान के मुताबिक 20 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने की संभावना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर आवागमन कब तक शुरू होगा?
अस्थायी बेली ब्रिज का काम शुरू हो गया है और उम्मीद है कि 25 दिनों के भीतर सिंगल लेन पर गाड़ियां चलने लगेंगी। वहीं, पूरा समानांतर पुल दिसंबर तक चालू होने की संभावना है।
पुलों की मरम्मत के लिए कौन सी संस्थाएं मदद कर रही हैं?
इस काम में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम (BRPNN), आईआईटी पटना (तकनीकी सहायता), और बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) मुख्य रूप से शामिल हैं।