Bihar के विक्रमशिला सेतु की जांच शुरू, IIT BHU की टीम ड्रोन से कर रही है निरीक्षण

Bihar/Bhagalpur: विक्रमशिला सेतु की हालत सुधारने के लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने कमर कस ली है। पुल के कमजोर और क्षतिग्रस्त हिस्सों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा

Bihar/Bhagalpur: विक्रमशिला सेतु की हालत सुधारने के लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने कमर कस ली है। पुल के कमजोर और क्षतिग्रस्त हिस्सों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। इस काम के लिए IIT BHU के इंजीनियरों की टीम तैनात की गई है जो आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।

मंगलवार, 23 जून 2026 से IIT BHU की टीम ने ड्रोन के जरिए पुल के निचले हिस्सों का निरीक्षण शुरू किया। विशेषज्ञों ने क्षतिग्रस्त जगहों की वीडियोग्राफी की और हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें ली हैं। पुल के नीचे के हिस्सों तक पहुँचने के लिए मजबूत लोहे के पाइप लगाए गए हैं, ताकि इंजीनियर आसानी से जांच कर सकें। यह पूरी प्रक्रिया ट्रस स्टील ब्रिज लगाने से पहले की जा रही है। इंजीनियरों का मुख्य ध्यान पिलर नंबर दो और तीन के आसपास और पिलर तीन और चार के बीच के हिस्से पर है।

निरीक्षण के लिए नदी के बीचों-बीच क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर 60 फुट लंबा एक अस्थाई पुल भी बनाया गया है, जिसे फिट करने के लिए क्रेन का इस्तेमाल हुआ। इसके अलावा पिलर एक और दो के बीच के बेली ब्रिज क्षेत्र और पिलर पांच और एक के बीच के 24 मीटर स्लैब की भी जांच की जा रही है। हालांकि, जब टीम से पुल की मौजूदा स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने केवल इतना बताया कि पुल का सेफ्टी ऑडिट किया जा रहा है।

बता दें कि 3 मई 2026 की आधी रात को पिलर संख्या 133 के पास एक स्लैब गंगा नदी में गिर गया था, जिसके बाद पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। बाद में 7 जून को बेली ब्रिज के जरिए हल्के वाहनों के लिए रास्ता खोला गया। सरकार ने इस पुल की मरम्मत के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 30 नवंबर 2026 तक मरम्मत का काम पूरा करने का समय तय किया है। मरम्मत के बाद जब पुल को सभी वाहनों के लिए खोला जाएगा, तब इसका पूरा स्ट्रक्चरल और सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा।