Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा नदी में गिर गया है, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। 3 मई 2026 की रात को यह हादसा हुआ, जिसके बाद लोगों को नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ रही ह
Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा नदी में गिर गया है, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। 3 मई 2026 की रात को यह हादसा हुआ, जिसके बाद लोगों को नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है। 10 मिनट का सफर अब पौने दो घंटे में बदल गया है। प्रशासन ने समय रहते यातायात रोक दिया था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ।
विक्रमशिला सेतु की वर्तमान स्थिति और समाधान क्या है?
पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने में करीब तीन महीने का समय लगेगा। फिलहाल छोटे वाहनों के लिए 12 मई 2026 की रात से बेली ब्रिज बनाने का काम शुरू कर दिया गया है, जो 10-12 दिनों में तैयार हो जाएगा। इसके अलावा, एक नया पुल दिसंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। यात्रियों को मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु या खगड़िया के नए पुल का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
पुल गिरने के कारण और सरकार की कार्रवाई
बताया जा रहा है कि पिछले दो साल से पुल में दरारें और कमजोरी की चेतावनियां दी गई थीं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया। लापरवाही के आरोप में पथ निर्माण विभाग के NH डिवीजन, भागलपुर के कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रोशन को निलंबित कर दिया गया है। अब IIT पटना और IIT दिल्ली की मदद से पुलों का तकनीकी ऑडिट कराया जाएगा।
बिहार में पुलों की सुरक्षा के लिए नया सिस्टम
बिहार देश का पहला राज्य बन गया है जिसने ‘बिहार राज्य पुल प्रबंधन एवं संधारण नीति 2025’ लागू की है। इस नई व्यवस्था के तहत 3968 पुलों की सुरक्षा जांची जाएगी। अब हर पुल का एक ‘ब्रिज हेल्थ कार्ड’ बनेगा, जिसमें उसकी क्षमता और मरम्मत की पूरी जानकारी होगी। साथ ही ड्रोन और सेंसर तकनीक से पुलों की निगरानी की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर यातायात कब तक सामान्य होगा?
छोटे वाहनों के लिए बेली ब्रिज का निर्माण शुरू हो गया है जो 10-12 दिनों में तैयार होगा। पूरी तरह मरम्मत में करीब 3 महीने लगेंगे और नया समानांतर पुल दिसंबर 2026 तक चालू होगा।
बिहार सरकार पुलों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने ब्रिज हेल्थ कार्ड सिस्टम और पुल प्रबंधन नीति 2025 लागू की है। IIT दिल्ली और पटना के जरिए प्रमुख पुलों का ऑडिट कराया जा रहा है और निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग होगा।