Bihar के सभी 9 प्रमंडलों में बनेंगे विजिलेंस कोर्ट, भ्रष्टाचार के मामलों का होगा त्वरित निपटारा
Bihar: राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकार ने सभी नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों में विशेष निगरानी न्यायालय (विजिलेंस कोर्ट) स्थापित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार सतर्कता जागरूक
Bihar: राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकार ने सभी नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों में विशेष निगरानी न्यायालय (विजिलेंस कोर्ट) स्थापित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस के मौके पर यह घोषणा की। इस कदम का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार के मामलों को जल्द से जल्द सुलझाना और दोषियों को फटाफट सजा दिलाना है। दरभंगा बार एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत किया है क्योंकि यह उनकी लंबे समय से लंबित मांग थी।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। इसके तहत राज्य के हर जिले में एक निगरानी थाना और सभी अनुमंडलों में निगरानी आउट पोस्ट बनाए जाएंगे। सरकार ने यह भी तय किया है कि भ्रष्टाचार में शामिल मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों की जो संपत्तियां जब्त की गई हैं, उनमें अब स्कूल चलाए जाएंगे। भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता, प्रौद्योगिकी और विश्वास (ट्रिपल टी) के मंत्र पर जोर दिया है।
आम लोगों की मदद के लिए सरकार ने रिश्वतखोरी की शिकायत दर्ज कराने हेतु टोल फ्री नंबर 1064 जारी किया है। इसके अलावा, आर्थिक अपराधों के मामलों में गवाही देने वाले सरकारी गवाहों को अब परिवहन भत्ता भी दिया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती बढ़ाई गई है, जिसके तहत सरकारी दफ्तरों में बिना वजह एक महीने से ज्यादा समय तक फाइल रोकने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) के निरीक्षकों को अब साइबर अपराधों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए बिना वारंट गिरफ्तारी जैसे अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं।
| प्रमुख पहल | विवरण |
|---|---|
| विजिलेंस कोर्ट | सभी 9 प्रमंडलों में स्थापना |
| निगरानी थाना/आउट पोस्ट | 38 जिले और 107 अनुमंडलों में |
| शिकायत नंबर | टोल फ्री नंबर 1064 |
| जब्त संपत्ति का उपयोग | विद्यालय चलाने के लिए |
| प्रशासनिक सुधार | फाइल लंबित रखने वाले अधिकारियों पर एक्शन |
| विशेष अधिकार | SVU निरीक्षकों को बिना वारंट गिरफ्तारी का अधिकार |
हाल ही में प्रशासनिक बदलाव करते हुए बिहार सतर्कता कैडर को खत्म कर दिया गया है और इन अधिकारियों को बिहार पुलिस सेवा में शामिल किया जाएगा। इससे पुलिस व्यवस्था में एकरूपता आएगी। भ्रष्टाचार पर सख्ती का असर दिखना शुरू भी हो गया है, जहां 30 जून 2026 को पटना में एक प्रधानाध्यापक को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।