Bihar: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो की टीम ने तिरहुत प्रमंडल के अपर निदेशक डॉ. अजय कुमार को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई क
Bihar: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो की टीम ने तिरहुत प्रमंडल के अपर निदेशक डॉ. अजय कुमार को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के बाद से सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मचा हुआ है।
कैसे हुई डॉ. अजय कुमार की गिरफ्तारी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को एक काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। ब्यूरो ने पहले इस शिकायत की जांच की और पुष्टि होने के बाद एक विशेष टीम बनाई। 3 जून 2026 को जैसे ही डॉ. अजय कुमार ने रिश्वत की राशि ली, टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
अब आगे क्या होगी कार्रवाई
पकड़े गए अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी मामला चलाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अब उनके ऑफिस और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच की जा सकती है ताकि इस पूरे खेल का पर्दाफाश हो सके।
सरकार का भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख
बिहार सरकार प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। निगरानी ब्यूरो अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि रिश्वत किस काम के लिए मांगी गई थी और क्या इस मामले में कुछ और लोग भी शामिल हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
तिरहुत प्रमंडल के किस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने तिरहुत प्रमंडल के अपर निदेशक डॉ. अजय कुमार को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी कब और क्यों हुई
यह गिरफ्तारी 3 जून 2026 को हुई। एक कार्य के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने और उसके सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने यह कार्रवाई की।