Bihar में मनरेगा की जगह लागू हुई VB-GRAMG योजना, अब साल में मिलेंगे 125 दिन का काम

Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए रोजगार की एक नई उम्मीद जगी है। राज्य सरकार ने ‘विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम’ (VB-GRAMG) योजना को लागू कर दिया है। इस योजना ने

Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए रोजगार की एक नई उम्मीद जगी है। राज्य सरकार ने ‘विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम’ (VB-GRAMG) योजना को लागू कर दिया है। इस योजना ने अब पुराने मनरेगा (MGNREGA) की जगह ले ली है, जिससे गांवों में बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा और लोगों को ज्यादा दिनों तक काम मिल सकेगा।

बिहार सरकार ने इस नई योजना के लिए 6,715 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट तय किया है। पटना में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित एक कार्यक्रम के जरिए इसे शुरू किया गया। हालांकि, खेती के सीजन को देखते हुए जमुई, लखीसराय, मुंगेर, शेखपुरा, भागलपुर और बांका जिलों में यह योजना 21 जुलाई, 2026 से शुरू होगी। बाकी राज्य में यह 2 जुलाई से ही प्रभावी हो गई है।

इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। अगर सरकार मांग करने के 15 दिनों के भीतर काम नहीं दे पाती है, तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। मजदूरी का पूरा पैसा सीधे बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में DBT के जरिए भेजा जाएगा, जिसमें आधार प्रमाणीकरण का इस्तेमाल होगा।

विशेषता विवरण
रोजगार गारंटी 125 दिन प्रति वर्ष
अंतरिम बजट (बिहार) 6,715 करोड़ रुपये
खर्च का बंटवारा केंद्र 60% और राज्य 40%
दैनिक मजदूरी ₹255 से बढ़ाकर ₹300 की गई
भुगतान का तरीका Direct Benefit Transfer (DBT)
बेरोजगारी भत्ता काम न मिलने पर निर्धारित दर से देय

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर के लिए 95,962 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। बिहार के मंत्री श्रवण कुमार का मानना है कि इस योजना से लोग काम की तलाश में दूसरे राज्यों में कम जाएंगे। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि 125 दिन के काम के लिए आवंटित बजट कम पड़ सकता है। साथ ही, बिहार समेत कुछ राज्यों ने खर्च का 40% हिस्सा वहन करने के नियम पर पुनर्विचार करने की मांग की है।