Bihar में 1 जुलाई से लागू होगी VB G RAM G योजना, MGNREGA की जगह मिलेगा रोजगार, जानिए पूरी डिटेल
Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य में अब मनरेगा (MGNREGA) की जगह एक नई योजना VB G RAM G लागू होने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के
Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य में अब मनरेगा (MGNREGA) की जगह एक नई योजना VB G RAM G लागू होने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच पटना में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में इस बात पर मुहर लग गई है कि 1 जुलाई 2026 से यह नई व्यवस्था पूरी तरह काम करना शुरू कर देगी।
इस बैठक में खेती-किसानी और गांव के विकास को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। सरकार का मुख्य मकसद किसानों की कमाई बढ़ाना और गांवों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करना है। बैठक में यह तय हुआ कि बिहार के आम और गरीब परिवारों को अब पहले से ज्यादा काम मिलेगा। इसके अलावा, मनरेगा के तहत जो पेमेंट अभी बाकी है, उसे 30 जून 2026 तक पूरा कर दिया जाएगा।
नई योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। अगर सरकार समय पर काम देने में नाकाम रहती है, तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। मजदूरी का पैसा सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए आएगा, जिसे अधिकतम 15 दिनों के भीतर प्रोसेस करना होगा।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | Viksit Bharat Guarantee for Employment and Livelihood Mission (VB-G RAM G) |
| लागू होने की तारीख | 1 जुलाई 2026 |
| गारंटीड काम | 125 दिन प्रति वर्ष |
| बिहार बजट | 6,715.83 करोड़ रुपये (अंतरिम) |
| PMAY 2.0 लक्ष्य | 60 लाख गरीब परिवारों को पक्के मकान |
| पेमेंट मोड | Direct Benefit Transfer (DBT) |
खेती को बढ़ावा देने के लिए बिहार को एक मॉडल राज्य बनाने की योजना है। इसके लिए प्याज, टमाटर और आम जैसे मुख्य उत्पादों के लिए आइडियल सेंटर बनाए जाएंगे ताकि बिहार के फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सके। साथ ही, जीविका दीदियों को सशक्त बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ अभियान में तेजी लाई जाएगी। ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए अब केवल मिट्टी के काम के बजाय स्कूल भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और जल संरक्षण जैसे स्थायी प्रोजेक्ट्स पर जोर दिया जाएगा।