Bihar के वाल्मीकि नगर में बाघ के हमले से किसान की मौत, ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर काटा बवाल
Bihar/Valmikinagar: वाल्मीकि नगर में शनिवार को बाघ के हमले में एक किसान की जान चली गई। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी गुस्सा देखा गया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए लोग
Bihar/Valmikinagar: वाल्मीकि नगर में शनिवार को बाघ के हमले में एक किसान की जान चली गई। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी गुस्सा देखा गया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर वाल्मीकि नगर-मदनपुर स्टेट हाईवे को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
जानकारी के मुताबिक, 45 साल के किसान विजय हलदर शनिवार सुबह करीब 11 बजे भेड़िहारी चौक के पास दक्षिण टोला स्थित अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीण इकट्ठा हुए और उन्होंने वन विभाग पर सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के एक वाहन में तोड़फोड़ की और एक वनकर्मी के साथ दुर्व्यवहार भी किया।
स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम चांदनी कुमारी, एसडीपीओ निहार भूषण और एसएसबी सहायक कमांडेंट अवधेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वाल्मीकि नगर, नौरंगिया और लौकरिया थानों की पुलिस को भी तैनात किया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बात की और उनकी मांगों को सुनने का भरोसा दिया।
वाल्मीकि नगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि मृतक के परिवार को सरकारी नियमों के तहत मुआवजा दिया जाएगा और परिवार के एक सदस्य को वन विभाग में नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाया। उन्होंने यह भी कहा कि बाघ को ढूंढने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
बता दें कि करीब 15 दिन पहले 30 जुलाई 2026 को बिसाहा गांव के 65 वर्षीय किसान अकलू यादव पर भी बाघ ने हमला किया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। उस मामले में वन विभाग ने परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया था। उस घटना में शामिल बाघ बाद में मृत पाया गया था, जिसके बारे में फील्ड डायरेक्टर गौरव ओझा ने बताया कि वह बाघ बूढ़ा और कमजोर था और उसमें कई चोटें थीं।