Bihar: बगहा के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के मदनपुर वन क्षेत्र में भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। इस आग में करीब 20 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया, जिसमें शीशम जैसे कई कीमती पेड़-पौधे नष्ट हो गए। तेज हवाओं की वजह से
Bihar: बगहा के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के मदनपुर वन क्षेत्र में भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। इस आग में करीब 20 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया, जिसमें शीशम जैसे कई कीमती पेड़-पौधे नष्ट हो गए। तेज हवाओं की वजह से आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे जंगल के जानवरों में भगदड़ मच गई और वे जान बचाकर भागते नजर आए।
आग लगने से कितना नुकसान हुआ और क्या है कारण
मदनपुर वन क्षेत्र में लगी इस आग ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। वन विभाग के अनुसार, तेज पछुआ हवाओं ने आग को तेजी से फैलाने में मदद की। आशंका जताई जा रही है कि मानवीय लापरवाही, जैसे मवेशी चराने वालों या असामाजिक तत्वों द्वारा बीड़ी-सिगरेट फेंकना या नई घास उगाने के लालच में आग लगाना इसका कारण हो सकता है। इस घटना से जंगल का तापमान काफी बढ़ गया है, जिससे वन्यजीवों के लिए सुरक्षित रहना मुश्किल हो गया है।
वन विभाग ने आग बुझाने के लिए क्या कदम उठाए
आग पर काबू पाने के लिए वनकर्मियों और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत की। रेंजर नसीम अहमद अंसारी के नेतृत्व में टीम ने आग बुझाने की कोशिश की, हालांकि कठिन भौगोलिक बनावट और संसाधनों की कमी के कारण काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा ने बताया कि गर्मी और सूखी पत्तियों की वजह से आग का खतरा ज्यादा रहता है। विभाग ने अब आग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
VTR में आग रोकने के लिए पहले से क्या इंतजाम थे
- 17 अप्रैल 2026 को ही पूरे रिजर्व को हाई अलर्ट पर रखा गया था।
- संवेदनशील इलाकों में फायर लाइन बनाई गई थी।
- नेपाल से लगे पहाड़ी जंगलों की निगरानी सैटेलाइट से की जा रही थी।
- 24 घंटे पेट्रोलिंग के लिए विशेष वनकर्मियों की टीम तैनात की गई थी।
- वॉच टावर और फायर अलर्ट सिस्टम को सक्रिय रखा गया था।