Bihar के शहरों का बदलेगा चेहरा, World Bank की मदद से 10 साल में आधुनिक बनेंगे नगर

Bihar: बिहार के शहरों को सुंदर और आधुनिक बनाने के लिए राज्य सरकार और World Bank ने हाथ मिलाया है। ‘बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम’ के जरिए अगले 10 सालों में शहरों की सूरत बदलने की तैयारी है। इसके लिए एक

Bihar: बिहार के शहरों को सुंदर और आधुनिक बनाने के लिए राज्य सरकार और World Bank ने हाथ मिलाया है। ‘बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम’ के जरिए अगले 10 सालों में शहरों की सूरत बदलने की तैयारी है। इसके लिए एक हाई लेवल वर्कशॉप भी आयोजित की गई, जिसमें शहरों के विकास के लिए नई रणनीति पर चर्चा हुई।

इस बड़े अभियान के लिए बिहार कैबिनेट ने World Bank से 500 मिलियन डॉलर (करीब 4750 करोड़ रुपये) का कर्ज लेने की मंजूरी दी है। इस पैसे का इस्तेमाल शहरी निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, बेहतर सड़कें, पानी की व्यवस्था और ड्रेनेज सुधारने के लिए किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि शहर सिर्फ बढ़ें नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और नगर निकाय अपने खर्च के लिए खुद सक्षम बनें।

नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि विकसित बिहार के लिए शहरीकरण, औद्योगीकरण और पर्यटन सबसे जरूरी हैं। उन्होंने जानकारी दी कि संपत्ति कर (Property Tax) के कलेक्शन में अच्छी बढ़त हुई है, जो 2023-24 के 332 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 565 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार अब ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के जरिए उन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देगी जिनसे शहर का विकास हो और कमाई के नए जरिए बनें।

विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने कहा कि पुराने शहरों का कायाकल्प करने के साथ-साथ नए सैटेलाइट टाउनशिप भी विकसित किए जा रहे हैं। World Bank केवल पैसा ही नहीं दे रहा, बल्कि दुनिया भर के एक्सपर्ट्स के जरिए सही गाइडेंस भी दे रहा है। इसी कड़ी में 25 जून 2026 को एक वर्कशॉप हुई जिसमें सीतामढ़ी नगर निगम की टीम भी शामिल थी। इसमें मास्टर प्लान और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बात हुई।

मुख्य बिंदु विवरण
कुल सहायता (World Bank) 500 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4750 करोड़)
समय सीमा अगले 10 वर्ष
बजट (FY 2026-27) ₹15,237 करोड़ से अधिक
मुख्य फोकस सैटेलाइट टाउनशिप, पुराने शहरों का पुनर्विकास, नगर वित्त
संपत्ति कर वृद्धि ₹332 करोड़ (23-24) से ₹565 करोड़ (25-26)