Bihar में 15 लाख तक के विभागीय कार्यों पर लगी रोक, अब ई-टेंडर से ही होंगे नगर निकायों के काम
Bihar: बिहार के नगर निकायों में विकास कार्यों को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने 15 लाख रुपये तक की लागत वाली योजनाओं को विभागीय तरीके से कराने की व्यवस्था पर रोक लगा दी है। अब नगर परिषद
Bihar: बिहार के नगर निकायों में विकास कार्यों को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने 15 लाख रुपये तक की लागत वाली योजनाओं को विभागीय तरीके से कराने की व्यवस्था पर रोक लगा दी है। अब नगर परिषद और नगर पंचायतों में सभी काम ई-टेंडर के जरिए ही कराए जाएंगे।
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया है। उन्होंने 24 अगस्त 2023 को जारी पुराने आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। पहले 15 लाख रुपये तक के छोटे कामों के लिए टेबल टेंडर या विभागीय प्रक्रिया अपनाई जाती थी, लेकिन अब इस सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
यह कदम नगर निकायों में काम की गुणवत्ता बढ़ाने और पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। सीवान के डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने भी योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति को लेकर विभाग से सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। आरोप था कि पहले कई बड़ी योजनाओं को जानबूझकर 15 लाख की सीमा के अंदर रखने के लिए छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया जाता था, ताकि उन्हें विभागीय तरीके से कराया जा सके। इससे नियमों की अनदेखी होती थी और काम की क्वालिटी खराब होती थी।
नए नियम के मुताबिक, अगर किसी योजना का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है, तो उसे विभागीय तरीके से नहीं कराया जाएगा और न ही कोई नया कार्यादेश जारी होगा। इस फैसले के बाद नगर परिषद सीवान और अन्य नगर पंचायतों में काफी हलचल है। अब ठेकेदारों और अधिकारियों को ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया का पालन करना होगा।