Bihar: बिहार के शहरों में रहने वाले लोगों और नगर निगमों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के शहरी निकायों ने इस बार राजस्व संग्रह के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। नगर विकास विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित
Bihar: बिहार के शहरों में रहने वाले लोगों और नगर निगमों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के शहरी निकायों ने इस बार राजस्व संग्रह के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। नगर विकास विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल राजस्व संग्रह दोगुने से भी अधिक हो गया है। सरकार का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान की सुविधा और बेहतर मैनेजमेंट की वजह से यह उपलब्धि हासिल हुई है। इस बढ़ी हुई कमाई का सीधा असर अब शहरों के विकास और नागरिक सुविधाओं पर देखने को मिलेगा।
राजस्व में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कैसे हुई?
बिहार के उपमुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकार की कोशिशों से राजस्व में यह बड़ी उछाल आई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 908 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाया गया है। इसमें सबसे ज्यादा योगदान होल्डिंग टैक्स का रहा, जिससे 565 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई। सरकार ने बकायादारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना चलाई थी, जिसमें ब्याज और जुर्माने में भारी छूट दी गई। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने अपना पुराना टैक्स चुकाया।
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पटना नगर निगम ने बनाया नया कीर्तिमान
राजधानी पटना में टैक्स वसूली के लिए एक खास रणनीति तैयार की गई थी। पटना नगर निगम ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक का सबसे अधिक 125 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया है। पूरे शहर को 375 सेक्टरों में बांटकर टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने बिजली बिल के जरिए उन संपत्तियों की पहचान की, जो अब तक टैक्स के दायरे से बाहर थीं। इसके अलावा, डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से टैक्स कलेक्टरों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग भी की गई।
टैक्स वसूली और सुविधाओं से जुड़े मुख्य आंकड़े
बिहार सरकार ने टैक्स वसूली को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके कुछ प्रमुख आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
| विवरण |
मुख्य जानकारी |
| कुल राजस्व संग्रह (2025-26) |
908 करोड़ रुपये से अधिक |
| होल्डिंग टैक्स से वसूली |
565 करोड़ रुपये से अधिक |
| पटना नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स |
125 करोड़ रुपये (रिकॉर्ड) |
| जीएसटी संग्रह वृद्धि |
9.20 प्रतिशत |
| एडवांस टैक्स पर छूट |
5 प्रतिशत (अप्रैल से जून तक) |
वाणिज्य कर विभाग ने भी इस साल बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 43,324 करोड़ रुपये का टैक्स जमा किया है। विभाग के मुताबिक, बिहार अब राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी संग्रह वृद्धि में चौथे स्थान पर आ गया है। निबंधन विभाग ने भी अपने तय लक्ष्य का 101 प्रतिशत से अधिक राजस्व प्राप्त किया है।