Bihar: पटना में TRE 4 भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद माहौल गरमाया हुआ है। शुक्रवार, 8 मई 2026 को हुए इस लाठीचार्ज के विरोध में 10 मई को लेफ्ट विंग के छात्र संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। अभ
Bihar: पटना में TRE 4 भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद माहौल गरमाया हुआ है। शुक्रवार, 8 मई 2026 को हुए इस लाठीचार्ज के विरोध में 10 मई को लेफ्ट विंग के छात्र संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी पिछले दो साल से भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी और नोटिफिकेशन जारी न होने से परेशान हैं।
लाठीचार्ज और गिरफ्तारी का पूरा मामला क्या है?
8 मई को TRE 4 के अभ्यर्थी BPSC से नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, कुछ छात्र उग्र हो गए और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना के बाद छात्र नेता Dilip Kumar समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर 9 मई को जेल भेज दिया गया। गांधी मैदान थाने में करीब 5,000 अज्ञात अभ्यर्थियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिन पर ट्रैफिक बाधित करने और पुलिस कर्मियों से बदतमीजी का आरोप है।
सरकार और विपक्ष ने इस पर क्या कहा?
इस मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार द्वारा अभ्यर्थियों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। वहीं, नए शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari ने कहा कि आंदोलन समाधान नहीं है और सरकार इस मामले में संवेदनशील है। पटना सिटी SP (Central) Diksha ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही बल का प्रयोग किया गया था, जिसमें एक सीनियर पुलिस अधिकारी भी घायल हुए थे।
TRE 4 भर्ती में देरी से क्यों है नाराजगी?
अभ्यर्थियों का कहना है कि TRE 4 की भर्ती प्रक्रिया करीब दो साल से अटकी हुई है। BPSC ने विज्ञापन के लिए 19 अप्रैल की डेडलाइन तय की थी, लेकिन वह पूरी नहीं हुई। हजारों युवा अपनी नौकरी के इंतजार में हैं और मांग कर रहे हैं कि सरकार जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी करे ताकि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
TRE 4 अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन क्यों किया?
अभ्यर्थी BPSC द्वारा चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (TRE 4) का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे थे, क्योंकि यह प्रक्रिया पिछले दो साल से लंबित है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने 8 मई को लाठीचार्ज किया, छात्र नेता दिलीप कुमार समेत 4 लोगों को जेल भेजा और लगभग 5,000 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।