Bihar : अगर आपके ऊपर भी पुराने ट्रैफिक चालान बकाया हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर है। पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार को निर्देश दिया है कि वह ‘ट्रैफिक चालान वन टाइम सेटलमेंट स्कीम, 2026’ लागू करे। इस योजना के ज
Bihar : अगर आपके ऊपर भी पुराने ट्रैफिक चालान बकाया हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर है। पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार को निर्देश दिया है कि वह ‘ट्रैफिक चालान वन टाइम सेटलमेंट स्कीम, 2026’ लागू करे। इस योजना के जरिए पुराने ई-चालानों का निपटारा राष्ट्रीय लोक अदालत में किया जा सकेगा, जिससे आम लोगों को भारी जुर्माने से छुटकारा मिल सकता है।
क्या है वन टाइम सेटलमेंट स्कीम और यह कैसे काम करेगी?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने ई-चालानों को कम खर्च में निपटाना है। पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने सरकार को ओडिशा राज्य की तर्ज पर अधिसूचना जारी करने को कहा है। कोर्ट ने जोर दिया है कि यह व्यवस्था ‘पॉकेट फ्रेंडली’ होनी चाहिए, ताकि लोग आसानी से अपना जुर्माना भरकर मामला खत्म कर सकें। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि कौन से अधिकारी इन विवादों को सुलझाएंगे और न्यूनतम कितनी राशि ली जाएगी।
किन ट्रैफिक नियमों के चालान होंगे माफ या कम?
लोक अदालत में केवल छोटे और समझौते वाले मामलों का निपटारा होगा। इसमें निम्नलिखित उल्लंघन शामिल होंगे:
- बिना हेलमेट गाड़ी चलाना
- सीट बेल्ट न लगाना
- तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना
- ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना
- नंबर प्लेट में गड़बड़ी
- प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) न होना
ध्यान रहे कि शराब पीकर गाड़ी चलाने या हिट एंड रन जैसे गंभीर अपराधों के मामलों का निपटारा लोक अदालत में नहीं किया जाएगा।
आगे की प्रक्रिया और जरूरी तारीखें क्या हैं?
इस मामले में कोर्ट ने समय सीमा तय की है और सरकार से ठोस योजना मांगी है। मुख्य विवरण नीचे दी गई टेबल में देखें:
| तारीख |
महत्वपूर्ण घटनाक्रम |
| 20 अप्रैल, 2026 |
हाई कोर्ट ने ओडिशा मॉडल पर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया |
| 21 अप्रैल, 2026 |
‘ट्रैफिक चालान वन टाइम सेटलमेंट स्कीम, 2026’ लागू करने का निर्देश |
| 27 अप्रैल, 2026 |
अगली सुनवाई, जिसमें सरकार को प्राधिकारी और न्यूनतम राशि बतानी होगी |
| 14 मार्च, 2026 |
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया था |