Bihar में पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी, 3.42 करोड़ पर्यटक आए, अब हेली-टूरिज्म और होमस्टे से बढ़ेगी कमाई
Bihar: बिहार सरकार राज्य के पर्यटन क्षेत्र को पूरी तरह बदलने में जुट गई है। सरकार का लक्ष्य बिहार को दुनिया के पर्यटन नक्शे पर लाना है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और राज्य की संस्कृति को पहचान मिले। साल 2026 में अ
Bihar: बिहार सरकार राज्य के पर्यटन क्षेत्र को पूरी तरह बदलने में जुट गई है। सरकार का लक्ष्य बिहार को दुनिया के पर्यटन नक्शे पर लाना है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और राज्य की संस्कृति को पहचान मिले। साल 2026 में अब तक 3.42 करोड़ से ज्यादा पर्यटक बिहार आ चुके हैं, जो राज्य के बढ़ते आकर्षण को दिखाता है।
मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने हाल ही में ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म और एयर टूरिज्म सर्विस स्कीम 2026’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राजगीर, वाल्मीकिनगर और कैमूर जैसे पर्यटन स्थलों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होगी। सरकार टिकट पर 15,422 रुपये तक की सब्सिडी दे रही है ताकि आम लोग भी इसका लाभ उठा सकें। इसके अलावा पटना में 2,100 रुपये में 10 मिनट की जॉयराइड की सुविधा भी उपलब्ध है।
पर्यटन मंत्री Kedar Prasad Gupta ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। अयोध्या से सीतामढ़ी के भित्ठामोर को जोड़ने वाला 240 किलोमीटर लंबा ‘जानकी कॉरिडोर’ (राम जानकी पथ) बनाया जा रहा है, जिस पर 6,155 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही पुनौरा धाम, सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर और कैमूर के माँ मुंडेश्वरी मंदिर के विकास का काम जारी है।
स्थानीय लोगों की कमाई बढ़ाने के लिए ‘मुख्यमंत्री होमस्टे प्रमोशन स्कीम 2026’ लाई गई है। इसमें होमस्टे शुरू करने वालों को 30% कैपिटल सब्सिडी और 2% ब्याज में छूट मिलेगी। साथ ही राजगीर में दो फाइव स्टार होटल और वैशाली में एक रिसॉर्ट बनाने की मंजूरी दी गई है। सरकार ने जल संसाधन विभाग के 217 निरीक्षण भवनों को आधुनिक गेस्ट हाउस और इको-टूरिज्म केंद्रों में बदलने का फैसला किया है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बजट में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। साल 2025-26 के लिए पर्यटन विभाग का बजट 462.44 करोड़ से बढ़ाकर 1,103 करोड़ रुपये कर दिया गया है। एक खास आदेश के तहत अब राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए हर तीन महीने में एक बार बिहार के किसी पर्यटन स्थल पर दो दिन और दो रात की छुट्टी बिताना अनिवार्य कर दिया गया है।