Bihar के स्कूलों में दिखेगी Rajasthan की झलक, कोटा मॉडल की तर्ज पर बनेंगे आधुनिक कोचिंग संस्थान
Bihar: बिहार सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब दूसरे राज्यों के सफल मॉडलों को अपना रही है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राजस्थान का दौरा कर वहां के मॉडल स्कूलों और कोटा की मशहूर कोचिंग व्यवस्था क
Bihar: बिहार सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब दूसरे राज्यों के सफल मॉडलों को अपना रही है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राजस्थान का दौरा कर वहां के मॉडल स्कूलों और कोटा की मशहूर कोचिंग व्यवस्था का अध्ययन किया है। अब बिहार के सरकारी स्कूलों में भी राजस्थान जैसी खूबियां देखने को मिलेंगी, जिसके लिए जल्द ही एक विशेष अध्ययन टीम जयपुर भेजी जाएगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 6 जुलाई 2026 को जयपुर का दौरा किया। वहां उन्होंने राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से मुलाकात की। इस दौरान स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों की पढ़ाई, वहां की सुविधाओं और तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि बिहार के मॉडल स्कूलों में राजस्थान की इन विशिष्टताओं को शामिल किया जाएगा।
बिहार सरकार का एक बड़ा लक्ष्य राज्य में ‘कोटा मॉडल’ की तर्ज पर आधुनिक कोचिंग हब विकसित करना है। इससे बिहार के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। इसके साथ ही, सरकार सभी प्रखंडों में आदर्श मॉडल स्कूल बनाने के साथ-साथ जिला और अनुमंडल मुख्यालयों में 150 ‘आदर्श मॉडल स्कूलों’ की स्थापना की योजना बना रही है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब जैसी सुविधाएं होंगी जो निजी स्कूलों के स्तर की होंगी।
बिहार की यह टीम केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के शिक्षा मॉडल का भी अध्ययन करेगी। जानकारी के मुताबिक, 11 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के मॉडल की समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य अलग-अलग राज्यों की अच्छी व्यवस्थाओं को मिलाकर बिहार की जरूरतों के हिसाब से एक मजबूत शिक्षा ढांचा तैयार करना है।