Bihar: सरकारी ठेकों में टेंडर मैनेज करने के एक बहुत बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है. इस घोटाले के मास्टरमाइंड रिशु श्री की वजह से अब बिहार की प्रशासनिक लॉबी में खलबली मची हुई है. जांच एजेंसियां अब रसूखदार अधिकारियों और फर्जी
Bihar: सरकारी ठेकों में टेंडर मैनेज करने के एक बहुत बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है. इस घोटाले के मास्टरमाइंड रिशु श्री की वजह से अब बिहार की प्रशासनिक लॉबी में खलबली मची हुई है. जांच एजेंसियां अब रसूखदार अधिकारियों और फर्जी कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं.
घोटाले में कौन-कौन से अधिकारी और विभाग फंसे हैं
बिहार सरकार ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 मई 2026 को दो IAS अधिकारियों, अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश कुमार सागर को सस्पेंड कर दिया है. इन पर रिशु श्री से फायदा लेने और टेंडर में गड़बड़ी करने के आरोप हैं. इनके अलावा भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता तारिणी दास और संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी समेत करीब एक दर्जन अधिकारी जांच के घेरे में हैं. इस सिंडिकेट की जड़ें बुडको, जल संसाधन, भवन निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग जैसे कई बड़े विभागों तक फैली हुई थीं.
कैसे चलता था करोड़ों रुपये का यह खेल
ED और SVU की जांच में सामने आया है कि रिशु श्री ने सरकारी ठेकों से अवैध कमाई के लिए एक संगठित सिंडिकेट बनाया था. फर्जी और बढ़े हुए बिलों के जरिए 8 से 10 प्रतिशत तक कमीशन तय किया जाता था. रिशु श्री ने करीब 15 फर्जी और बेनामी कंपनियों का नेटवर्क खड़ा किया था. सांसद पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि रिशु श्री प्रभावशाली लोगों तक लड़कियों को पहुँचाने के लिए एक सेक्स रैकेट भी चलाता था. वह अधिकारियों के निजी जीवन की जानकारियों का इस्तेमाल अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए करता था.
जांच एजेंसियों की अब तक की बड़ी कार्रवाई
विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने रिशु श्री को गिरफ्तार कर पटना की बेऊर जेल भेज दिया है. ED ने 2 जून 2026 को उसकी 15 कंपनियों की जांच तेज कर दी है और बुडको से 2016 से 2025 तक के ठेकों का ब्यौरा मांगा है. इससे पहले ED ने दिल्ली, गुरुग्राम, अहमदाबाद और सूरत में छापेमारी कर 68 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी. जिन 15 कंपनियों की जांच चल रही है, उन्हें फिलहाल कोई नया सरकारी काम नहीं दिया जा रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
रिशु श्री ने टेंडर घोटाले में कैसे काम किया
रिशु श्री ने 15 फर्जी कंपनियों का नेटवर्क बनाया था और अधिकारियों के साथ मिलकर बढ़े हुए बिलों के जरिए 8-10% कमीशन तय करता था.
इस मामले में किन IAS अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है
बिहार सरकार ने 2014 बैच की अभिलाषा कुमारी शर्मा और 2017 बैच के योगेश कुमार सागर को निलंबित कर दिया है.