Bihar में 73,151 शिक्षकों ने मांगी ट्रांसफर, बिना मर्जी नहीं होगा तबादला, 5 साल की शर्त हटी
Bihar: राज्य के हजारों शिक्षकों के लिए तबादले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार शिक्षा विभाग ने ऐच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन मांगे थे, जिसमें कुल 73,151 शिक्षकों ने अपनी अर्जी लगाई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने ब
Bihar: राज्य के हजारों शिक्षकों के लिए तबादले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार शिक्षा विभाग ने ऐच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन मांगे थे, जिसमें कुल 73,151 शिक्षकों ने अपनी अर्जी लगाई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है और इसका लक्ष्य 31 अक्टूबर, 2026 तक इसे पूरा करना है।
सरकार ने इस बार नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी शिक्षक का जबरन या अचानक तबादला नहीं किया जाएगा। केवल उन्हीं शिक्षकों का ट्रांसफर होगा जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया है। आवेदन के दौरान शिक्षकों को 30 स्कूलों के विकल्प चुनने का मौका मिला, और उनका तबादला उन्हीं विकल्पों में से किसी एक स्कूल में किया जाएगा।
सबसे बड़ी राहत उन शिक्षकों को मिली है जो लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे थे। पहले आवेदन के लिए 5 साल की न्यूनतम सेवा की कड़ी शर्त थी, जिसे अब पूरी तरह हटा दिया गया है। हालांकि, अब यह नियम होगा कि शिक्षकों का स्थानांतरण हर पांच साल पर किया जाएगा। पहले पूरी सर्विस में सिर्फ दो बार ट्रांसफर का मौका मिलता था।
पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए पूरी की जाएगी। विभाग ने इसके लिए एक नया SOP जारी किया है। महिला शिक्षकों को उनके गृह प्रखंड और पुरुष शिक्षकों को उनके गृह जिले में प्राथमिकता दी जाएगी। खास बात यह है कि प्रोबेशन पीरियड वाले शिक्षक, जिनमें TRE-3 शिक्षक और प्रधानाध्यापक शामिल हैं, वे भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
तबादले की आगे की समय-सीमा इस प्रकार है:
| तारीख/चरण | विवरण |
|---|---|
| 7 से 9 सितंबर, 2026 | अपीलों का निपटान और आवेदनों की स्क्रूटनी |
| 10 से 14 सितंबर, 2026 | म्यूचुअल ट्रांसफर (पारस्परिक स्थानांतरण) का निपटान |
| 17 सितंबर, 2026 से | सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन शुरू |
इसके अलावा, बिहार में लगभग 1.06 लाख शिक्षक अधिशेष (सरप्लस) हैं। इन शिक्षकों को जरूरत के हिसाब से स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं में भी तैनात किया जाएगा।