Bihar में शिक्षकों को दिया जा रहा जीवन कौशल प्रशिक्षण, UNICEF और शिक्षा परियोजना की संयुक्त पहल
Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों को खास तौर पर तैयार किया जा रहा है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) और UNICEF मिलकर शिक्षकों के लिए जीवन कौशल (Life Skills) प्रशिक्षण
Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों को खास तौर पर तैयार किया जा रहा है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) और UNICEF मिलकर शिक्षकों के लिए जीवन कौशल (Life Skills) प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहे हैं। इस पहल का मुख्य मकसद शिक्षकों को इस काबिल बनाना है कि वे किशोर-किशोरियों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकें।
इस कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को अलग-अलग विषयों पर ट्रेनिंग दी गई है। इसमें किशोरियों के लिए वित्तीय साक्षरता और आत्म-सम्मान आधारित जीवन कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। UNICEF की शिक्षा विशेषज्ञ पुष्पा जोशी ने बताया कि बिहार सरकार की प्राथमिकताओं में किशोर-किशोरियों का सशक्तिकरण शामिल है, जिसमें वित्तीय साक्षरता एक बड़ा हिस्सा है।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को यह सिखाया गया कि कैसे बच्चों को आत्मविश्वास की कमी, त्वचा के रंग या शरीर की बनावट जैसी हीन भावनाओं से बाहर निकाला जाए। इसके लिए यूनिसेफ द्वारा विकसित कॉमिक पुस्तकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि लिंग रूढ़िवादिता जैसे विषयों पर बच्चों को आसानी से समझाया जा सके।
राज्य में शिक्षकों के कौशल विकास के लिए अन्य कदम भी उठाए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत अब शिक्षकों के लिए साल में दो बार 50-50 घंटे का प्रोजेक्ट आधारित प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसी नई तकनीकों की ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
SCERT के निदेशक विजय कुमार हिमांशु ने इन प्रशिक्षण मॉड्यूल की तारीफ की है। उनका कहना है कि मास्टर ट्रेनर अब आगे के बैचों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित कर पाएंगे, जिससे अंततः स्कूल के बच्चों की पढ़ाई और उनके व्यक्तित्व विकास में सुधार होगा।