Bihar में शिक्षकों के ट्रांसफर के नियमों में बदलाव, TRE-3 वालों के लिए आई बड़ी खबर
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के तबादले को लेकर बड़ा फैसला लिया है। ट्रांसफर पोर्टल खुलने से ठीक 48 घंटे पहले नियमों में बदलाव किया गया है, जिससे TRE-3 से चयनित शिक्षकों के लिए उम्मीदें बढ़ गई हैं। बिहार कैबिने
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के तबादले को लेकर बड़ा फैसला लिया है। ट्रांसफर पोर्टल खुलने से ठीक 48 घंटे पहले नियमों में बदलाव किया गया है, जिससे TRE-3 से चयनित शिक्षकों के लिए उम्मीदें बढ़ गई हैं। बिहार कैबिनेट ने ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026’ को मंजूरी दे दी है, जो अब प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्राचार्यों पर लागू होगी।
तबादले की प्रक्रिया के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल का इस्तेमाल होगा। समायोजन और आपसी (Mutual) ट्रांसफर के लिए शिक्षक 29 जुलाई से 5 अगस्त, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। वहीं, सामान्य ट्रांसफर की लिस्ट 24 सितंबर से 31 अक्टूबर, 2026 के बीच जारी की जाएगी।
TRE-3 शिक्षकों को लेकर स्थिति थोड़ी उलझी हुई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पहले कहा था कि इन्हें ऐच्छिक ट्रांसफर का मौका मिलेगा। लेकिन 24 जुलाई को जारी एक पत्र में कहा गया कि परीक्षा अवधि वाले शिक्षक इसके पात्र नहीं होंगे। हालांकि, सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि TRE-3 शिक्षकों के लिए एक अलग शेड्यूल जारी किया जा सकता है।
नए नियमों के तहत तबादलों में कुछ खास बातों का ध्यान रखा गया है:
| नियम/प्राथमिकता | विवरण |
|---|---|
| न्यूनतम सेवा | पहली बार आवेदन के लिए 5 साल की सेवा की शर्त में ढील दी गई है। |
| प्राथमिकता | गंभीर बीमारी, विकलांगता और पति-पत्नी की अलग पोस्टिंग वालों को पहले मौका मिलेगा। |
| महिला शिक्षक | इन्हें कोशिश कर उनकी पंचायत के पास वाली पंचायत में पोस्टिंग दी जाएगी। |
| पुरुष शिक्षक | इन्हें अपने प्रखंड के पास वाले किसी प्रखंड के स्कूल में भेजा जा सकता है। |
| सीनियरिटी | दूसरे जिले या प्रमंडल में जाने वाले शिक्षकों की वरिष्ठता नए जिले के हिसाब से तय होगी। |
| अगला मौका | एक बार ट्रांसफर होने के बाद अगले 5 साल तक दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे। |
सरकार ने साफ कर दिया है कि पुराने सभी दिशा-निर्देश और आवेदन अब रद्द कर दिए गए हैं। अब केवल नए नियमों के तहत ही ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए आवेदन लिए जाएंगे। जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या ज्यादा है, वहां के अधिशेष शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षकों की कमी है।