Bihar में शिक्षकों के तबादले के लिए नई नीति मंजूर, पोर्टल से होगा आवेदन, जानिए क्या हैं नए नियम
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के ट्रांसफर को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस नई नीति का मकसद शिक
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के ट्रांसफर को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस नई नीति का मकसद शिक्षकों के तबादलों में होने वाली गड़बड़ियों को रोकना और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करना है। सरकार ने जुलाई 2026 तक सभी तबादलों की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है।
इस नई व्यवस्था के तहत अब शिक्षकों को तबादले के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। पूरी प्रक्रिया e-Shikshakosh पोर्टल के जरिए ऑनलाइन होगी। शिक्षक अपनी पसंद के किन्हीं 30 स्कूलों का चुनाव कर सकेंगे। तबादले का फैसला मेरिट और स्कूलों में खाली पदों के आधार पर लिया जाएगा। यह नियम प्राइमरी से लेकर हाई स्कूल तक के सभी शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर लागू होगा।
सरकार ने मानवीय आधार पर तबादलों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों, दिव्यांगों और ऐसे पति-पत्नी जो अलग-अलग जगह तैनात हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। महिला शिक्षकों को उनके अपने प्रखंड के भीतर ही पास की पंचायत में पदस्थापना का मौका मिलेगा। वहीं, पुरुष शिक्षकों को उनके गृह प्रखंड से अलग, लेकिन जिले के अंदर ही किसी नजदीकी प्रखंड में ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पोर्टल का नाम | e-Shikshakosh |
| स्कूल चयन | शिक्षक 30 स्कूलों का चुनाव कर सकेंगे |
| प्राथमिकता | बीमार, दिव्यांग और पति-पत्नी जो अलग हैं |
| महिला शिक्षक | प्रखंड के भीतर निकटवर्ती पंचायत में मौका |
| पुरुष शिक्षक | गृह प्रखंड से बाहर, जिले के भीतर पास के प्रखंड में |
| लागू होने की तिथि | जुलाई 2026 तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य |
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार शिक्षकों को सुविधा देना चाहती है, लेकिन साथ ही यह उम्मीद भी है कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा दें। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के मुताबिक, इस नीति से शिक्षक तनावमुक्त रहेंगे और बेहतर तरीके से पढ़ा पाएंगे। मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने भी कैबिनेट की इस मंजूरी की पुष्टि की है।