Bihar में शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए 7 नए नियम लागू, 5 साल की सेवा के बाद मार्च में कर सकेंगे आवेदन

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के 5.5 लाख से ज्यादा शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और प्रिंसिपलों के लिए नई स्थानांतरण नियमावली (Bihar State Teacher Transfer Rules, 2026) को मंजूरी दे दी है। इस नई पॉलिसी का मकसद तबादलों की प्रक्

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के 5.5 लाख से ज्यादा शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और प्रिंसिपलों के लिए नई स्थानांतरण नियमावली (Bihar State Teacher Transfer Rules, 2026) को मंजूरी दे दी है। इस नई पॉलिसी का मकसद तबादलों की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है ताकि शिक्षकों को बिना किसी परेशानी के उनके हक का ट्रांसफर मिल सके। अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होगी जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी।

बिहार कैबिनेट ने 24 जून 2026 को इस नीति को मंजूरी दी थी, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने 25 जून को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। नए नियमों के मुताबिक, जिन शिक्षकों ने अपनी सेवा के 5 साल पूरे कर लिए हैं, वे हर साल मार्च के महीने में ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। विभाग का लक्ष्य है कि हर साल जून तक तबादलों की पूरी प्रक्रिया को खत्म कर लिया जाए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में इसे फाइनल किया गया और अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने इसकी विस्तृत जानकारी दी।

तबादलों के लिए सरकार ने सात प्राथमिकताएं (Priority) तय की हैं। इसमें मानवीय आधार पर विशेष ध्यान दिया गया है। कैंसर या किडनी ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे शिक्षक, दिव्यांगजन, वे लोग जिनके पति या पत्नी अलग-अलग जगहों पर तैनात हैं, विधवा और सिंगल पेरेंट्स को ट्रांसफर में प्राथमिकता मिलेगी।

नियम/सुविधा विवरण
महिला शिक्षक अपने ब्लॉक के अंदर लेकिन गृह पंचायत से बाहर किसी नजदीकी पंचायत में ट्रांसफर का विकल्प
पुरुष शिक्षक अपने जिले के अंदर लेकिन गृह ब्लॉक को छोड़कर किसी पड़ोसी ब्लॉक में ट्रांसफर
स्कूल चयन शिक्षक अपनी पसंद के अधिकतम 30 स्कूलों का चुनाव कर सकेंगे
चयन प्रक्रिया एक ही सीट पर ज्यादा आवेदन होने पर सर्विस की अवधि और कठिन क्षेत्र के अनुभव के आधार पर मेरिट से चयन
प्रशासनिक ट्रांसफर अनुशासनहीनता, लंबी अनुपस्थिति या शिकायत मिलने पर सरकार खुद ट्रांसफर कर सकती है
पोर्टल पूरी प्रक्रिया e-Shikshakosh पोर्टल के जरिए ऑनलाइन होगी

इस बीच, प्रारंभिक शिक्षक कल्याण संघ ने इस नीति पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि नियोगित शिक्षकों को इस नई ट्रांसफर पॉलिसी से बाहर रखा गया है, जिसे बदलना जरूरी है। फिलहाल, शिक्षा विभाग जुलाई महीने तक शुरुआती तबादलों की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है और e-Shikshakosh पोर्टल पर इसके विकल्प दिखने शुरू हो गए हैं।