Bihar में सरकारी शिक्षकों के ट्रांसफर का रास्ता साफ, 29 जुलाई से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन
Bihar: बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने साफ कर दिया है कि शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है। 29 जुलाई से शिक्षक पोर्टल पर जाकर अपने ट्रांसफर क
Bihar: बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने साफ कर दिया है कि शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है। 29 जुलाई से शिक्षक पोर्टल पर जाकर अपने ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस बार की प्रक्रिया में TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के साथ-साथ हेडमास्टर और लाइब्रेरियन जैसे सभी श्रेणियों के शिक्षकों को शामिल किया गया है।
बिहार कैबिनेट ने 24 जून 2026 को नए ट्रांसफर नियमों (Bihar State Teacher Transfer Rules, 2026) को मंजूरी दे दी थी। पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और इसके लिए ‘e-Shikshakosh’ पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। कोई भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे शिक्षक इस प्रक्रिया में आवेदन नहीं कर पाएंगे।
ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया को तीन अलग-अलग चरणों में बांटा गया है ताकि काम व्यवस्थित तरीके से हो सके।
| चरण (Phase) | तारीख/समय सीमा | विवरण |
|---|---|---|
| पहला चरण | 7 अगस्त से 9 सितंबर 2026 | एडजस्टमेंट और प्रोपोर्शनट एलोकेशन, लिस्ट प्रकाशन और आपत्तियां |
| दूसरा चरण | 10 सितंबर से 14 सितंबर 2026 | म्युचुअल ट्रांसफर (आपसी सहमति से तबादला) |
| तीसरा चरण | 17 सितंबर से 23 सितंबर 2026 | जनरल ट्रांसफर के लिए आवेदन और स्कूलों का चयन |
नियमों के मुताबिक, जनरल ट्रांसफर के लिए शिक्षक अपनी पसंद के 30 स्कूलों का चुनाव कर सकते हैं। अगर कोई शिक्षक अपने जिले या डिवीजन से बाहर जाना चाहता है, तो वह 5 जिलों या डिवीजनों को चुन सकता है। पारदर्शिता के लिए पॉइंट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें पोस्टिंग की जगह और सर्विस की अवधि जैसे कारकों को देखा जाएगा।
मानवीय आधार पर गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, विधवा, तलाकशुदा या सिंगल पेरेंट शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, जिन महिला शिक्षकों के पॉइंट बराबर होंगे, उन्हें उनके होम ब्लॉक में प्राथमिकता मिलेगी और पुरुष शिक्षकों को उनके होम डिस्ट्रिक्ट में। एक खास बात यह है कि जो शिक्षक 31 मार्च 2026 तक 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उनका तबादला उनकी मर्जी के बिना नहीं किया जाएगा।
इंटर-डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर यानी दूसरे जिले में जाने वाले शिक्षकों को यह ध्यान रखना होगा कि उनकी सीनियरिटी नए जिले के नियमों के हिसाब से तय होगी। पहली बार आवेदन करने वालों के लिए 5 साल की सर्विस वाली शर्त में ढील दी गई है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को सलाह दी है कि वे अपने प्रोफाइल और पोस्टिंग की जानकारी में कोई गलती हो तो उसे जल्द से जल्द ठीक करवा लें।