Bihar में अब घर बैठे होगा शिक्षकों का ट्रांसफर, लागू हुई नई पोर्टल व्यवस्था, जानें क्या हैं नियम
Bihar: राज्य के सरकारी शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर आई है। अब शिक्षकों के तबादले के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे क्योंकि बिहार सरकार ने ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। बिहार कैबिनेट ने 24 जून 2
Bihar: राज्य के सरकारी शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर आई है। अब शिक्षकों के तबादले के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे क्योंकि बिहार सरकार ने ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। बिहार कैबिनेट ने 24 जून 2026 को ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026’ को मंजूरी दी है, जिससे अब 5.5 लाख से ज्यादा शिक्षकों को फायदा होगा।
शिक्षा विभाग ने इस नई नियमावली की अधिसूचना जारी कर दी है। अब प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूलों के नियमित शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों का ट्रांसफर एक डिजिटल पोर्टल के जरिए होगा। आवेदन करने से लेकर स्कूल चयन और आदेश मिलने तक की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, ताकि भ्रष्टाचार कम हो और काम में पारदर्शिता आए। सामान्य तौर पर, कोई भी शिक्षक 5 साल की सेवा पूरी करने के बाद ही ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेगा। इच्छुक शिक्षक हर साल मार्च महीने में ऑनलाइन अप्लाई कर पाएंगे और विभाग जून तक इस प्रक्रिया को पूरा करने की कोशिश करेगा।
अगर एक ही स्कूल के लिए कई शिक्षक आवेदन करते हैं, तो चयन अंकों के आधार पर होगा। इसमें सेवा की अवधि और कठिन क्षेत्रों में काम करने के अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार चाहती है कि यह प्रक्रिया मानवीय हो और स्कूलों में स्टाफ की कमी दूर हो। वहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के मुताबिक, यह व्यवस्था शिक्षकों की पुरानी मांग को पूरा करेगी और पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त होगी।
| वरीयता क्रम (Priority) | किसे मिलेगी प्राथमिकता |
|---|---|
| 1 | असाध्य या गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षक |
| 2 | दिव्यांग शिक्षक (80% से 100% अक्षमता) |
| 3 | पति-पत्नी के आधार पर |
| 4 | विधवा, एकल अभिभावक और 40 वर्ष से अधिक की अविवाहित महिला शिक्षक |
| 5 | पारस्परिक (Mutual) ट्रांसफर |
| 6 | समायोजन और समानुपातीकरण |
| 7 | सामान्य स्थानांतरण |
नियमों के मुताबिक, गंभीर बीमारी या दिव्यांगता के मामलों में गृह पंचायत या ब्लॉक के प्रतिबंधों में छूट मिल सकती है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं को 10% और राज्य पुरस्कार विजेताओं को 5% अतिरिक्त वरीयता दी जाएगी। महिला शिक्षकों को उनकी गृह पंचायत छोड़कर उसी प्रखंड की पास वाली पंचायत में तैनाती का मौका मिलेगा, जबकि पुरुष शिक्षकों को उनके जिले के भीतर ही नजदीकी प्रखंडों में पोस्टिंग मिल सकेगी।
सरकार ने चेतावनी दी है कि बीमारी या दिव्यांगता के दावों की जांच मेडिकल बोर्ड करेगा। अगर कोई शिक्षक गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई होगी। ऐसे शिक्षकों को अपनी सफाई देने के लिए 7 दिन का समय दिया जाएगा। जिन स्कूलों में पहले से शिक्षकों की संख्या 4 से कम है, वहां इन श्रेणियों के तहत पोस्टिंग नहीं की जाएगी।