Bihar: बिहार शिक्षा विभाग ने नियोजित शिक्षकों के वेतनमान को लेकर एक कड़ा फैसला लिया है। अब केवल ट्रेनिंग ले लेने से काम नहीं चलेगा, बल्कि बढ़े हुए वेतन का लाभ लेने के लिए शिक्षकों को TET परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। इ
Bihar: बिहार शिक्षा विभाग ने नियोजित शिक्षकों के वेतनमान को लेकर एक कड़ा फैसला लिया है। अब केवल ट्रेनिंग ले लेने से काम नहीं चलेगा, बल्कि बढ़े हुए वेतन का लाभ लेने के लिए शिक्षकों को TET परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। इस नए नियम से राज्य के हजारों शिक्षकों की सैलरी पर सीधा असर पड़ने वाला है।
किन शिक्षकों पर पड़ेगा इस फैसले का असर
शिक्षा विभाग के मुताबिक, जिन शिक्षकों ने सत्र 2015-17 और 2017-18 में प्रशिक्षण (Training) प्राप्त किया है, उन्हें प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ तभी मिलेगा जब वे शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करेंगे। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘राज्य सरकार एवं अन्य बनाम मनोज कुमार एवं अन्य’ मामले में दिए गए आदेश के बाद लिया गया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने 22 मई 2026 को इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या केवल डीएलएड (D.El.Ed) सर्टिफिकेट काफी है
विभाग ने साफ कर दिया है कि सिर्फ डीएलएड या कोई अन्य ट्रेनिंग कोर्स पूरा कर लेने से प्रशिक्षित वेतनमान नहीं दिया जाएगा। शिक्षकों को अपनी नियुक्ति की तिथि (विरमन तिथि) से इस लाभ को पाने के लिए टीईटी पास करना ही होगा। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है ताकि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ सके और केवल योग्य शिक्षकों को ही प्राथमिकता मिले।
शिक्षकों के लिए अन्य जरूरी अपडेट्स
बिहार सरकार राज्य के करीब 6 लाख शिक्षकों के वेतन भुगतान को समय पर करने के लिए नई योजना बना रही है, जिसके लिए 642 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, अगले 5 सालों में 1 लाख नए शिक्षकों की भर्ती की तैयारी है, जिसका विज्ञापन हर साल जुलाई में आएगा। हालांकि, बिहार टीईटी 2024 की परीक्षा अपरिहार्य कारणों से स्थगित हुई थी, जिसकी नई तारीखें जल्द बताई जाएंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रशिक्षित वेतनमान पाने के लिए क्या शर्त रखी गई है?
सत्र 2015-17 और 2017-18 में ट्रेनिंग लेने वाले नियोजित शिक्षकों को अब TET परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा, तभी उन्हें बढ़े हुए वेतन का लाभ मिलेगा।
यह फैसला किस आधार पर लिया गया है?
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘राज्य सरकार एवं अन्य बनाम मनोज कुमार एवं अन्य’ मामले में 16 जनवरी 2026 को दिए गए आदेश के अनुपालन में लिया गया है।