Bihar: बिहार के सुपौल जिले में स्थित वीरपुर हवाई अड्डे को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी योजना बनाई है। इसे बिहार का पहला फ्लाइंग ट्रेनिंग हब और एयरो स्पोर्ट्स सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल ही में 9 अप्रैल, 2026
Bihar: बिहार के सुपौल जिले में स्थित वीरपुर हवाई अड्डे को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी योजना बनाई है। इसे बिहार का पहला फ्लाइंग ट्रेनिंग हब और एयरो स्पोर्ट्स सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल ही में 9 अप्रैल, 2026 को बिहार सरकार और एयरो क्लब ऑफ इंडिया (ACI) की एक छह सदस्यीय टीम ने हवाई अड्डे का दौरा किया। टीम ने लगभग एक घंटे तक यहां की सुविधाओं और भविष्य की संभावनाओं की जांच की। इस हब के बनने से बिहार के युवाओं के लिए पायलट बनने का सपना पूरा करना आसान हो जाएगा।
वीरपुर हवाई अड्डे पर क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इस हवाई अड्डे को न केवल पायलटों की ट्रेनिंग के लिए तैयार किया जा रहा है, बल्कि इसे एडवेंचर स्पोर्ट्स के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक विमानन तकनीकों का इस्तेमाल होगा और ट्रेनिंग विमानों को बेहतर सुरक्षा के लिए खास ट्रांसपोंडर से लैस किया जाएगा। वीरपुर में पायलट ट्रेनिंग के अलावा कई रोमांचक गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी।
- स्काईडाइविंग और पैराग्लाइडिंग की सुविधा मिलेगी।
- बैलूनिंग और हैंग ग्लाइडिंग जैसे हवाई खेल होंगे।
- ड्रोन संचालन और पैरासेलिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- पावर्ड फ्लाइंग के लिए विशेषज्ञ कोच तैनात रहेंगे।
प्रोजेक्ट का बजट और विकास का पूरा प्लान क्या है?
बिहार सरकार ने वीरपुर हवाई अड्डे के कायाकल्प के लिए बजट जारी कर दिया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी है कि इस हवाई अड्डे को आधुनिक बनाने के लिए 36.38 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया है। इस काम को अगले 15 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा उड़ान योजना के तहत भी अलग से फंड स्वीकृत किया गया है।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल टेंडर राशि |
36.38 करोड़ रुपये |
| उड़ान योजना फंड |
43 करोड़ रुपये |
| अधिग्रहित भूमि |
88.834 एकड़ |
| काम पूरा करने का लक्ष्य |
15 महीने |
| MoU की तारीख |
7 अक्टूबर 2025 |
| विशेषज्ञ टीम का दौरा |
9 अप्रैल 2026 |
इस हब के बनने से क्या प्रभाव पड़ेगा?
एसडीएम नीरज कुमार ने बताया कि यह पहल भारत के नागरिक उड्डयन उद्योग को मजबूती देगी। इससे न केवल कुशल पायलटों की एक नई फौज तैयार होगी, बल्कि सुपौल इलाके में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। एयरो स्पोर्ट्स शुरू होने से यहां पर्यटकों की भीड़ बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सरकार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट बिहार को देश के विमानन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।