Bihar: भागलपुर के सुलतानगंज में बन रहे गंगा ब्रिज के काम में अब तेजी आएगी। पुल के निर्माण में आई तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन ने कुछ हिस्सों को दोबारा बनाने और नए पिलर जोड़ने का फैसला किया है। इस बड़े प्रोज
Bihar: भागलपुर के सुलतानगंज में बन रहे गंगा ब्रिज के काम में अब तेजी आएगी। पुल के निर्माण में आई तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन ने कुछ हिस्सों को दोबारा बनाने और नए पिलर जोड़ने का फैसला किया है। इस बड़े प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठानों का भी सहारा लिया जा रहा है।
पुल में क्या बदलाव किए जा रहे हैं और क्यों
पुल के स्ट्रक्चर में कुछ कमियां पाई गई थीं, जिन्हें ठीक करने के लिए पाया संख्या 10, 11 और 12 के वेलकैप को काटकर दोबारा बनाया जाएगा। आईआईटी रूड़की ने इसके डिजाइन को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, पुल की मजबूती और भार सहने की क्षमता बढ़ाने के लिए पाया संख्या 2 से 6 के बीच तीन नए पिलर बनाने की योजना है।
काम पूरा करने की समय सीमा और सरकारी निर्देश
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निर्देश दिया है कि मई 2026 तक एप्रोच पथ का काम हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। पूरे पुल को 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है। रोड कंस्ट्रक्शन विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने स्पष्ट किया है कि अगर 18 महीने के भीतर काम पूरा नहीं हुआ, तो निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। काम की निगरानी के लिए हर हफ्ते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जा रही है।
प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| निर्माण कंपनी |
SP Singla Constructions Limited |
| डिजाइन सलाहकार |
McElhanney और IIT-Roorkee |
| लक्ष्य (एप्रोच पथ) |
मई 2026 |
| कुल लक्ष्य (पुल) |
2027 |
| विशेष अनुष्ठान |
चंडी पाठ, नवग्रह शांति और रुद्राभिषेक |