Bihar: भागलपुर और खगड़िया को जोड़ने वाला सुल्तानगंज-अगुवानी पुल अब चर्चा में है। 1,710 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल बार-बार गिरने के कारण विवादों में रहा है। अब निर्माण कंपनी ने इसे वास्तु दोष से जोड़ते हुए काशी
Bihar: भागलपुर और खगड़िया को जोड़ने वाला सुल्तानगंज-अगुवानी पुल अब चर्चा में है। 1,710 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल बार-बार गिरने के कारण विवादों में रहा है। अब निर्माण कंपनी ने इसे वास्तु दोष से जोड़ते हुए काशी के पंडितों से विशेष पूजा-पाठ कराने का फैसला किया है।
पुल के गिरने का इतिहास और कारण क्या रहे
यह पुल 2015 में बनना शुरू हुआ था, लेकिन अब तक 12 बार इसकी डेडलाइन मिस हो चुकी है। निर्माण के दौरान यह तीन बार गिरा है। पहली बार 30 अप्रैल 2022 को पिलर नंबर 5 के पास हिस्सा गिरा, जिसे हवा का कारण बताया गया। इसके बाद 4 जून 2023 को खगड़िया की तरफ पिलर 10 से 13 के बीच का हिस्सा महज 30 सेकंड में गंगा में समा गया। फिर 17 अगस्त 2024 को पिलर नंबर 9 पर स्टील एंगल और सुपरस्ट्रक्चर गिर गया। IIT Roorkee के एक्सपर्ट्स ने इसके डिजाइन में कमियां पाई थीं।
अब वास्तु दोष दूर करने के लिए क्या हो रहा है
निर्माण कंपनी SP Singla Construction अब इंजीनियरिंग के साथ-साथ धार्मिक उपायों का सहारा ले रही है। 21 अप्रैल 2026 से सुल्तानगंज साइट पर पांच दिनों का विशेष अनुष्ठान शुरू किया गया है। इसमें काशी से आए सात पंडित चंडी पाठ, नवग्रह पूजा और विश्वकर्मा आराधना कर रहे हैं। यह पूजा पिलर नंबर 5, 10 और 11 के कथित वास्तु दोष को दूर करने और काम की रुकावटों को खत्म करने के लिए की जा रही है।
अधिकारियों की कार्रवाई और नया टारगेट क्या है
इस प्रोजेक्ट में लापरवाही बरतने पर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि दो इंजीनियर और एक डिप्टी चीफ इंजीनियर को दोषी पाया गया है। पटना हाई कोर्ट के आदेश के बाद कंपनी अब अपने खर्चे पर खराब हिस्सों को दोबारा बना रही है।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल लागत |
1,710 करोड़ रुपये |
| दोषी अधिकारी |
3 इंजीनियर |
| जांच टीम |
IIT Roorkee और Patna NIT |
| नया टारगेट |
2028 तक पूरा करना |
| मरम्मत का समय |
18 महीने (पिलर 9 से 13) |