Bihar: बिहार के सब्जी उत्पादक किसानों के लिए सरकार एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। अब सुधा डेयरी की तर्ज पर राज्य में सब्जी बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने 13 मई 2026 को अधिकारियों के साथ बैठ
Bihar: बिहार के सब्जी उत्पादक किसानों के लिए सरकार एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। अब सुधा डेयरी की तर्ज पर राज्य में सब्जी बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने 13 मई 2026 को अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पायलट प्रोजेक्ट को जल्द तैयार करने का निर्देश दिया है। इस पहल से किसानों को अपनी फसल का सही दाम मिलेगा और ग्राहकों को ताजी सब्जियां मिलेंगी।
सुधा मॉडल से किसानों और ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
इस योजना के तहत बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन (VEGFED) किसानों से सीधे सब्जियां खरीदेगा। खरीदी के बाद सब्जियों की ग्रेडिंग और पैकिंग की जाएगी और फिर इन्हें VEGFED के आउटलेट्स के जरिए बेचा जाएगा। इससे किसानों को बिचौलियों के चक्कर में नहीं पड़ना होगा और उनकी कमाई बढ़ेगी। साथ ही, आम लोगों को उचित दाम पर शुद्ध और ताजी सब्जियां मिल सकेंगी।
सब्जी केंद्रों में मिलेंगी कौन सी हाई-टेक सुविधाएं?
बिहार सरकार राज्य के सभी 534 प्रखंडों में आधुनिक सब्जी केंद्र बनाने की तैयारी में है। एक केंद्र बनाने पर करीब 96 लाख से 1 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इन केंद्रों में 10 टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज और 20 टन क्षमता का गोदाम होगा। इसके अलावा, छोटे किसानों को बीज के लिए सुविधा दी जाएगी, जिसमें उन्हें केवल 25 प्रतिशत अग्रिम राशि देनी होगी और बाकी भुगतान फसल तैयार होने के बाद बिना किसी ब्याज के करना होगा।
बैठक में और किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
मंत्री राम कृपाल यादव ने बैठक में गेहूं खरीद अभियान को तेज करने और सभी PACS का कंप्यूटरीकरण जल्द पूरा करने को कहा। साथ ही, मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम में बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। इस बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह और VEGFED के प्रबंध निदेशक डॉ. गगन समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुधा मॉडल सब्जी केंद्र क्या है?
यह सुधा डेयरी की तरह एक व्यवस्था है जिसमें VEGFED सीधे किसानों से सब्जी खरीदेगा, उसकी पैकिंग करेगा और अपने आउटलेट्स के माध्यम से ग्राहकों को बेचेगा।
किसानों को बीज खरीदने में क्या मदद मिलेगी?
छोटे और मध्यम किसानों को बीज के लिए केवल 25% एडवांस देना होगा, बाकी पैसा फसल तैयार होने के बाद बिना किसी ब्याज के चुकाना होगा।