Bihar: बिहार के सात जिलों में बरसात के बाद पत्थर खनन का काम शुरू होने जा रहा है। खान एवं भूतत्व विभाग ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है और जल्द ही ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का मकसद निर्माण कार्यों के लिए जरूर
Bihar: बिहार के सात जिलों में बरसात के बाद पत्थर खनन का काम शुरू होने जा रहा है। खान एवं भूतत्व विभाग ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है और जल्द ही ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का मकसद निर्माण कार्यों के लिए जरूरी स्टोन चिप और मेटल के लिए झारखंड जैसे दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार बढ़ाना है।
किन जिलों में होगा खनन और क्या हैं नए नियम
सर्वेक्षण के बाद बांका, गया, नवादा, शेखपुरा, औरंगाबाद और कैमूर जैसे जिलों की पहाड़ियों को चिह्नित किया गया है। हालांकि, ऐतिहासिक धरोहरों और इको-सेंसिटिव जोन के पास स्थित कुछ भू-खंडों पर खनन की अनुमति नहीं मिली है। विभाग ने पत्थर खनन की रॉयल्टी दर को ₹60-₹85 से बढ़ाकर अब ₹500 प्रति घन मीटर कर दिया है। गया जिले में पिछले साल के मुकाबले राजस्व संग्रह में ₹508.53 लाख की बढ़त देखी गई है।
अवैध खनन रोकने के लिए सख्त जुर्माना और निगरानी
अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए बिहार खनिज संशोधन नियमावली 2026 लागू की गई है। अब ओवरलोड बालू या पत्थर ढोने वाले वाहनों पर पहली बार ₹5 लाख तक का जुर्माना लगेगा। अन्य गलतियों के लिए ₹1 लाख से ₹10 लाख तक का जुर्माना तय किया गया है। पारदर्शिता के लिए खनन क्षेत्रों में CCTV, इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा और GPS लगाना अनिवार्य होगा। CCTV फुटेज का छह महीने तक बैकअप रखना होगा, वरना भारी जुर्माना देना पड़ेगा।
ट्रांजिट पास की अनिवार्यता और बिहारी योद्धा पुरस्कार
10 जून 2026 से यूपी और झारखंड समेत अन्य राज्यों से बिहार आने वाले खनिज लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य होगा। बिना पास के वाहनों को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका शुल्क ₹60 प्रति मीट्रिक टन या ₹85 प्रति घनमीटर रखा गया है। इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने ‘बिहारी योद्धा पुरस्कार’ की घोषणा की है। अवैध खनन की सूचना देने वालों को ट्रैक्टर पकड़ाने पर ₹5000 और ट्रक पकड़ाने पर ₹10,000 का इनाम दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में पत्थर खनन के लिए कौन से जिले चिह्नित किए गए हैं
मुख्य रूप से बांका, गया, नवादा, शेखपुरा, औरंगाबाद और कैमूर जिलों को चिह्नित किया गया है, हालांकि कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में खनन प्रतिबंधित रहेगा।
अवैध खनन की सूचना देने पर क्या इनाम मिलेगा
बिहारी योद्धा पुरस्कार के तहत अवैध खनन की सूचना देने पर ट्रैक्टर पकड़ाने पर ₹5000 और ट्रक पकड़ाने पर ₹10,000 का पुरस्कार दिया जाएगा।