Bihar: अब बिहार के लोगों को सिर्फ नेशनल हाईवे ही नहीं, बल्कि राज्य की सड़कों पर चलने के लिए भी पैसे देने होंगे। बिहार सरकार ने स्टेट हाईवे, बड़े पुलों और प्रमुख सड़कों पर टोल टैक्स वसूलने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम
Bihar: अब बिहार के लोगों को सिर्फ नेशनल हाईवे ही नहीं, बल्कि राज्य की सड़कों पर चलने के लिए भी पैसे देने होंगे। बिहार सरकार ने स्टेट हाईवे, बड़े पुलों और प्रमुख सड़कों पर टोल टैक्स वसूलने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लग गई है, जिससे आने वाले दिनों में राज्य के अंदर सफर करना महंगा हो जाएगा।
टोल वसूली कब से और कैसे शुरू होगी?
बिहार कैबिनेट ने 6 मई, 2026 को इस निर्णय को मंजूरी दी। इसके लिए ‘बिहार सड़क उपयोगकर्ता शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) नियम, 2026’ बनाया जा रहा है, जिसे अगले एक महीने में मंजूरी मिल सकती है। नियम लागू होने के तीन महीने के भीतर एजेंसी का चयन किया जाएगा और फिर टोल वसूली का काम शुरू होगा। यह व्यवस्था NHAI के नेशनल हाईवे टोल नियमों से अलग होगी।
सरकार ने टोल टैक्स लगाने का क्या कारण बताया है?
कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि सड़कों को और सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। सरकार का कहना है कि टोल से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल सड़क निर्माण और उनके रखरखाव में किया जाएगा। इसका लक्ष्य यह है कि लोग कम समय में अपना सफर पूरा कर सकें। सरकार इसे विकास का मॉडल मान रही है, जबकि आम लोग इसे अपनी जेब पर बोझ के रूप में देख रहे हैं।
सड़कों के विकास के लिए क्या है सरकार का प्लान?
सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के किसी भी कोने से पटना पहुंचने का समय 2027 तक घटाकर 4 घंटे और 2035 तक 3 घंटे किया जाए। इसके लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर बजट और तकनीक का सहारा लिया है:
| विवरण |
जानकारी |
| सड़कों का रखरखाव |
19,305.58 किलोमीटर |
| स्वीकृत बजट |
15,967.03 करोड़ रुपये |
| निगरानी तकनीक |
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) |
| प्रमुख विभाग |
बिहार पथ निर्माण विभाग |
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स कब से लगेगा?
6 मई 2026 को कैबिनेट ने फैसला लिया है। नियम अधिसूचित होने के तीन महीने के भीतर एजेंसी के चयन के बाद टोल वसूली शुरू कर दी जाएगी।
टोल टैक्स से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कहाँ होगा?
इस पैसे का उपयोग बिहार की सड़कों के निर्माण, रखरखाव और उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए किया जाएगा, ताकि सफर का समय कम हो सके।