Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के नए बिजनेस शुरू करने वाले युवाओं यानी स्टार्टअप्स के लिए बड़े ऐलान किए हैं। अब स्टार्टअप्स को सरकारी काम मिलना आसान हो जाएगा क्योंकि सरकार ने ‘बिहार प्रोक्योरमेंट प्रेफरेंस पॉलिसी 2026
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के नए बिजनेस शुरू करने वाले युवाओं यानी स्टार्टअप्स के लिए बड़े ऐलान किए हैं। अब स्टार्टअप्स को सरकारी काम मिलना आसान हो जाएगा क्योंकि सरकार ने ‘बिहार प्रोक्योरमेंट प्रेफरेंस पॉलिसी 2026’ लागू कर दी है। इस नई नीति से छोटे उद्यमियों को बिना किसी लंबी टेंडर प्रक्रिया के काम मिल सकेगा और उनकी आर्थिक मदद के लिए फंड भी बढ़ाया गया है।
बिना टेंडर कितना काम मिलेगा और क्या हैं नियम?
बिहार सरकार की नई पॉलिसी के तहत अब स्टार्टअप्स को 10 लाख रुपये तक का काम बिना टेंडर के दिया जा सकेगा। इसके अलावा, सरकारी विभाग 25 लाख रुपये तक के टेंडर सिर्फ स्टार्टअप्स के लिए ही जारी कर सकते हैं। इससे नए बिजनेस करने वाले युवाओं को सरकारी प्रोजेक्ट्स में प्राथमिकता मिलेगी और उन्हें बड़े ठेकेदारों से मुकाबला नहीं करना पड़ेगा।
सीड फंड और महिला उद्यमियों के लिए क्या लाभ हैं?
उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि स्टार्टअप्स के लिए सीड फंड की राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 25 लाख रुपये कर दिया गया है। इस बढ़े हुए फंड का प्रावधान आने वाले बिहार बजट में शामिल होगा। महिलाओं के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं, जिसमें महिला उद्यमियों को अतिरिक्त 5% प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही, प्रोडक्ट सुधार और फाइनेंस की ट्रेनिंग लेने वाले बिजनेस को 3 लाख रुपये का अनुदान भी मिलेगा।
| सुविधा/लाभ |
पुरानी व्यवस्था/राशि |
नई व्यवस्था/राशि |
| बिना टेंडर काम की सीमा |
– |
10 लाख रुपये तक |
| सिर्फ स्टार्टअप्स के लिए टेंडर |
– |
25 लाख रुपये तक |
| सीड फंड (Seed Fund) |
10 लाख रुपये |
25 लाख रुपये |
| महिला उद्यमियों को लाभ |
– |
अतिरिक्त 5% प्रोत्साहन |
| ट्रेनिंग अनुदान |
– |
3 लाख रुपये |
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार प्रोक्योरमेंट प्रेफरेंस पॉलिसी 2026 क्या है?
यह बिहार सरकार की एक नई नीति है जिसके तहत स्टार्टअप्स को 10 लाख रुपये तक का सरकारी काम बिना टेंडर के और 25 लाख रुपये तक के विशेष टेंडर के जरिए दिया जाएगा।
स्टार्टअप्स के लिए सीड फंड में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
उद्योग मंत्री के अनुसार, स्टार्टअप्स के लिए सीड फंड की राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 25 लाख रुपये कर दिया गया है।