Bihar के सभी 38 जिलों में खुलेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, खिलाड़ियों को मिलेगी वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग और सरकारी नौकरी

Bihar: राज्य के खिलाड़ियों के लिए सरकार एक बड़ा प्लान लेकर आई है। अब प्रदेश के सभी 38 जिलों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DCOE) खोले जाएंगे ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के टैलेंट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिल सके। इन सें

Bihar: राज्य के खिलाड़ियों के लिए सरकार एक बड़ा प्लान लेकर आई है। अब प्रदेश के सभी 38 जिलों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DCOE) खोले जाएंगे ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के टैलेंट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिल सके। इन सेंटर्स में खिलाड़ियों के रहने, खाने-पीने और मेडिकल इंश्योरेंस जैसी खास सुविधाओं का इंतजाम होगा।

विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि राज्य के सभी जिला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 30 सितंबर 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाने चाहिए। इसी कड़ी में अरवल, मधेपुरा और किशनगंज के सेंटर्स को 15 जून 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सीवान, मुंगेर और जमुई में खास तौर पर फुटबॉल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार किए जा रहे हैं।

खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन सेंटर्स को Sports Authority of India (SAI) के मॉडल पर विकसित किया जाए। इसमें एक्सपर्ट कोच और टेक्निकल स्टाफ की तैनाती होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी तय किया है कि इन सेंटर्स को हर जिले की यूनिवर्सिटी से जोड़ा जाएगा, ताकि खिलाड़ियों की पढ़ाई और ट्रेनिंग दोनों साथ-साथ चल सकें।

खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य कैबिनेट ने ‘बिहार आउटस्टैंडिंग प्लेयर्स डायरेक्ट अपॉइंटमेंट (संशोधन) नियम, 2026’ को मंजूरी दे दी है। अब ओलंपिक, एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ और नेशनल गेम्स में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के आधार पर सरकारी नौकरी मिलेगी। यह कदम ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना को और मजबूत करेगा।

ट्रेनिंग की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्पोर्ट्स साइंस लैब और पूरी तरह एयर-कंडीशंड हॉस्टल बनाए गए हैं। सरकार अब पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर भी विचार कर रही है ताकि खेल बुनियादी ढांचे का रखरखाव बेहतर तरीके से हो सके।