Bihar में खिलाड़ियों की आंखों की एक्टिविटी रिकॉर्ड करेगा आई-ट्रैकिंग सिस्टम, IIT मद्रास और राज्य खेल प्राधिकरण के बीच होगा समझौता

Bihar: बिहार के खिलाड़ियों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी। राज्य में खेल के विकास के लिए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSS) और IIT मद्रास के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता होने जा रहा है। इसके तहत आधुनिक तकनीक का इस्

Bihar: बिहार के खिलाड़ियों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी। राज्य में खेल के विकास के लिए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSS) और IIT मद्रास के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता होने जा रहा है। इसके तहत आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाया जाएगा।

हाल ही में पाटलिपुत्र खेल परिसर में IIT मद्रास के प्रोफेसर डॉ बापजी श्रीनिवासन ने आई-ट्रैकिंग सिस्टम का सफल प्रदर्शन किया। यह खास सिस्टम तीरंदाजी (Archery) और शूटिंग के खिलाड़ियों के लिए बनाया गया है। इसकी मदद से यह रिकॉर्ड किया जाएगा कि खिलाड़ी निशाना लगाते समय अपनी आंखों का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं, ताकि उनकी गलतियों को सुधार कर सटीकता बढ़ाई जा सके।

IIT मद्रास का सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स साइंस एंड एनालिटिक्स (CESSA) इस दिशा में काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट में हाई-रिजोल्यूशन कैमरों, मोशन सेंसर्स और AI सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होगा। इसका मुख्य उद्देश्य 2036 के समर ओलंपिक जैसे बड़े मुकाबलों के लिए खिलाड़ियों को तैयार करना है।

प्रोफेसर महेश पंचगुला के मुताबिक, भारत में ऐसी स्वदेशी तकनीक विकसित करने का लक्ष्य है जिससे अगले दस सालों में देश कम से कम 25 गोल्ड मेडल जीत सके। इस पहल से अब बिहार के खिलाड़ियों को फिटनेस, चोट प्रबंधन और टैलेंट की पहचान के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।