Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के पांच जिलों में विशेष अदालतों के गठन का फैसला किया है। इसका मुख्य मकसद शराबबंदी और नशीले पदार्थों से जुड़े केसों की सुनवाई को तेज करना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार, 1 जून 2026 को इसकी
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के पांच जिलों में विशेष अदालतों के गठन का फैसला किया है। इसका मुख्य मकसद शराबबंदी और नशीले पदार्थों से जुड़े केसों की सुनवाई को तेज करना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार, 1 जून 2026 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले को मंत्रिपरिषद की मंजूरी भी मिल चुकी है।
किन जिलों में कौन सी अदालतें बनेंगी
सरकार ने अलग-अलग जिलों के लिए अलग-अलग योजना बनाई है। दरभंगा के बेनीपुर अनुमंडलीय न्यायालय और मधुबनी सदर न्यायालय में बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अदालतें होंगी। वहीं, पूर्णिया, भागलपुर और गया में NDPS एक्ट के तहत एक्सक्लूसिव स्पेशल कोर्ट बनाए जाएंगे। इन तीन NDPS अदालतों के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के तीन नए पद भी बनाए गए हैं।
आम लोगों को क्या होगा फायदा
इन विशेष अदालतों के बनने से शराब और ड्रग्स के मामलों में लंबित मुकदमों का निपटारा जल्दी होगा। इससे अदालतों पर काम का बोझ कम होगा और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा। सबसे बड़ा फायदा दरभंगा के बेनीपुर अनुमंडल के लोगों को होगा, जिन्हें अब शराबबंदी के केसों के लिए जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। इससे स्थानीय लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
नशे के कारोबार पर कसेगा शिकंजा
इन अदालतों के गठन से शराब तस्करों और ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज होगी। जब केसों की सुनवाई जल्दी होगी, तो अपराधियों में डर पैदा होगा और उनकी गतिविधियों पर रोक लगेगी। सरकार का यह कदम राज्य में नशामुक्त माहौल बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किन जिलों में विशेष अदालतें बन रही हैं?
बिहार के दरभंगा, मधुबनी, भागलपुर, पूर्णिया और गया जिलों में विशेष अदालतों का गठन किया जा रहा है।
इन अदालतों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इनका मुख्य उद्देश्य शराबबंदी और नशीले पदार्थों (NDPS) से जुड़े कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करना और लंबित मुकदमों का जल्द निपटारा करना है।